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Sunday, 6 October 2019

वे माही - Ve Maahi Lyrics from Kesari

अरिजित सिंग और उनकी आवाज भाई क्या बात हैं! जी हा भाईओ...  आपके लिये पेश है अरिजित सिंग के आवाज मे २०१९ का सुपरहिट गीत. गीत के बोल है 'वे माही' और फिल्म का नाम है 'केसरी'. इस फिल्म मे अक्षय कुमार और परिणीती चोपड़ा प्रमुख किरदार मे दिखे. 'वे माही' गीत को संगीत दिया है तनिष्क बागची ने और यह गीत लिखा भी है तनिष्क बागची ने खुद. अरिजित सिंग के साथ इस गीत को गाया है असीस कौर ने और दोनो की आवाज खूब जचं रही है.

इस जानकारी के साथ पेश है आपके लिये 'वे माही' गीत के बोल हिंदी मे. धन्यवाद!

फिल्म / एल्बम : केसरी (2019)
संगीत दिया है: तनिष्क बागची
गीत के बोल: तनिष्क बागची
गायक: अरिजीत सिंह, असीस कौर

ओ माही वे, ओ माही वे
माही मैनू छडयो ना
के तेरे बिन दिल नइयो लगणा
जित्थे वी तू चलणा ए
माही मैं तेरे पीच्छे-पीच्छे चलणा
तू जी सकदी नहीं
मैं जी सकदा नहीं
कोई दूसरी मैं शर्ता वी रखदा नहीं
क्या तेरे बाजो मेरा
सच्चियाँ मोहब्बताँ वे
ओ माही कित्थे ओर नइयो मिलणा
(ओर नइयो मिलणा....)
जित्थे वी तू चलेया हाँ
माही मैं तेरे पीच्छे-पीच्छे चलणा
(पीच्छे-पीच्छे चलणा...)

ओ माही वे, ओ माही वे
दिल विच तेरे यारा मैनू रहेण दे
आँखों से ये आँखों वाली गल क्हेण दे
दिल विच तेरे यारा...
धड़कन दिल दी ए तैनू पहचाणे
तू मेरा है, मैं हूँ तेरी, रब भी ये जाने
तू रह सकदी नहीं
मैं रह सकदा नहीं
तेरे बिन यारा और कित्थे तकदा नहीं
क्या तेरे बाजो मेरा
रंग तेरा चढ़या वे
के हुण कोई रंग नइयो चढ़ना
(रंग नइयो चड़ना...)
जित्थे वी तू चलेया...

माही मैनू छडयो ना
के तेरे बिन दिल नइयो लगणा
जित्थे वी तू चलणा ए
माही मैं तेरे पीच्छे-पीच्छे चलणा
माही मैनू छडयो ना...


    Saturday, 5 October 2019

    इन आँखों की मस्ती के - In Aankhon Ki Masti Ke Lyrics from Umrao Jaan

    मुजरा गीत की बात आये और 'इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं' गीत याद ना आये ऐसा मुमकिन ही नही. दोस्तो, आपके लिये पेश है १९८१ मै आयी 'उमराव जान' फिल्म से 'इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं' गीत के बोल. इस गीत को लिखा है शहरयार ने और इसका संगीत दिया है खय्यामजी ने. आशा भोंसले जी के आवाज ने 'इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं' गीत को अजरामर कर दिया है.

    यह गाना अभिनेत्री रेखा पर चित्रित हुआ और उनके अदा ने उसे प्रसिद्ध कर दिया. इस जानकारी के साथ प्रस्तुत है 'इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं' गीत के बोल हिंदी मै. आनंद ले!


    फिल्म / एल्बम : उमराव जान (1981)
    संगीत दिया है: खय्याम
    गीत के बोल: शहरयार
    गायक: आशा भोंसले

    इन आँखों की मस्ती के, आ आ आ आ...
    इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
    मस्ताने हज़ारों हैं
    इन आँखों से वाबस्ता
    इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
    अफ़साने हज़ारों हैं
    इन आँखों की मस्ती के

    एक तुम ही नहीं तनहा, आ आ...
    एक तुम ही नहीं तनहा उल्फत में मेरी रुसवा
    उल्फत में मेरी रुसवा
    इस शेहेर में तुम जैसे
    इस शेहेर में तुम जैसे दीवाने हज़ारों हैं
    दीवाने हज़ारों हैं
    इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
    इन आँखों की मस्ती के, आ आ आ आ...

    एक सिर्फ हमी मै को, एक सिर्फ हमी
    एक सिर्फ हमी मै को आँखों से पिलाते हैं
    आँखों से पिलाते हैं
    केहने को तो दुनिया में
    केहने को तो दुनिया में मैखाने हज़ारों हैं
    मैखाने हज़ारों हैं
    इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
    इन आँखों की मस्ती के

    इस शम-ए-फरोज़ा को, आ आ...
    इस शम-ए-फरोज़ा को आंधी से डराते हो
    आंधी से डराते हो
    इस शम-ए-फरोज़ा के
    इस शम-ए-फरोज़ा के परवाने हज़ारों हैं
    परवाने हज़ारों हैं
    इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
    इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
    अफ़साने हज़ारों हैं
    इन आँखों की मस्ती के...


    Friday, 4 October 2019

    ये तो सच है की भगवान है - Yeh To Sach Hai Ki Bhagwan Hai Lyrics from Hum Saath Saath Hain

    प्यारे दर्शको, आपके सामने आज लाये है १९९९ मै आयी सुपरहिट फिल्म 'हम साथ साथ हैं' का सुपरहिट गाना 'ये तो सच है की भगवान है' के बोल. 'हम आपके है कौन' के बाद यह फिल्म पारिवारिक फिल्मो के श्रेणी मे दर्शको को खूब पसंद आयी. 'ये तो सच है की भगवान है' गीत को लिखा है रविन्द्र रावल ने और इसको संगीतबद्ध  किया है राम-लक्ष्मणजी ने. इस गीत को बडे बेहतरीन मिजाज से गाया है हरिहरन, घनश्याम वसवानी, प्रतिमा राव और संतोष तिवारी ने.

    इस जानकारी के साथ पेश है, 'ये तो सच है की भगवान है' गीत के बोल हिंदी मै.




    फिल्म / एल्बम : हम साथ साथ हैं (1999)
    संगीत दिया है: राम-लक्ष्मण
    गीत के बोल: रविन्द्र रावल
    गायक: हरिहरन, घनश्याम वसवानी, प्रतिमा राव, संतोष तिवारी

    ये तो सच है की भगवान है
    है मगर फिर भी अन्जान है
    धरती पे रूप माँ-बाप का
    उस विधाता की पहचान है

    जन्मदाता हैं जो, नाम जिनसे मिला
    थामकर जिनकी उंगली है बचपन चला
    कांधे पर बैठ के, जिनके देखा जहां
    ज्ञान जिनसे मिला, क्या बुरा, क्या भला
    इतने उपकार हैं क्या कहें
    ये बताना न आसान है
    धरती पे रूप...

    जन्म देती है जो, माँ जिसे जग कहे
    अपनी संतान में, प्राण जिसके रहे
    लोरियां होंठों पर, सपने बुनती नज़र
    नींद जो वार दे, हँस के हर दुःख सहे
    ममता के रूप में है प्रभू
    आपसे पाया वरदान है
    धरती पे रूप...

    आपके ख्वाब हम, आज होकर जवां
    उस परम शक्ति से, करते हैं प्रार्थना
    इनकी छाया रहे, रहती दुनिया तलक
    एक पल रह सकें हम न जिनके बिना
    आप दोनों सलामत रहें
    सबके दिल में ये अरमान है
    धरती पे रूप...





      Thursday, 3 October 2019

      हम भी अगर बच्चे होते - Hum Bhi Agar Bachche Hote Lyrics from Door ki Awaz

      पाठको, पेश है बालगीत श्रेणी मै और एक गीत. यह गीत १९६४ मै आयी फिल्म 'दूर की आवाज़' से है और गीत के बोल है, 'हम भी अगर बच्चे होते'. इस गीत के शब्द लिखे है शकील बदायुनी ने और इसे गाया है  मो.रफ़ी, आशा भोंसले और मन्ना डे ने. 'हम भी अगर बच्चे होते' गीत को संगीत दिया है रविजी ने.

      दर्शक इस बालगीत को जन्मदिन गीत के श्रेणी मे भी गिन सकते है. प्रस्तुत है आपके लिये 'हम भी अगर बच्चे होते' गीत के बोल हिंदी मै. धन्यवाद!


      फिल्म / एल्बम : दूर की आवाज़ (1964)
      संगीत दिया है: रवि
      गीत के बोल: शकील बदायुनी
      गायक:  मो.रफ़ी, आशा भोंसले, मन्ना डे

      हम भी अगर बच्चे होते
      नाम हमारा होता गबलू-बबलू
      खाने को मिलते लड्डू
      और दुनिया कहती
      हैप्पी बर्थडे टू यू
      कोई लाता गुड़िया, मोटर, रेल
      तो कोई लाता फिरकी, लट्टू
      कोई चाबी का टट्टू
      और दुनिया कहती
      हैप्पी बर्थडे टू यू

      कितनी प्यारी होती है ये भोली सी उमर
      न नौकरी की चिन्ता, न रोटी की फिकर
      नन्हें-मुन्ने होते हम तो देते सौ हुकम
      पीछे-पीछे डैडी-मम्मी बन के नौकर
      चॉकलेट, बिस्कुट, टॉफ़ी खाते और पीते दुद्दू
      और दुनिया कहती
      हैप्पी बर्थडे टू यू...

      कैसे-कैसे नख़रे करते घरवालों से हम
      पल में हँसते, पल में रोते, करते नाक में दम
      अक्कड़-बक्कड़, लुक्का-छुप्पी, कभी छुआ-छू
      करते दिन भर हल्ला-गुल्ला, दंगा और उधम
      और कभी ज़िद पर अड़ जाते, जैसे अड़ियल टट्टू
      और दुनिया कहती
      हैप्पी बर्थडे टू यू...

      अब तो ये है हाल के जब से बीता बचपन
      माँ से झगड़ा, बाप से टक्कर, बीवी से अनबन
      कोल्हू के हम बैल बने हैं, धोबी के गद्धे
      दुनिया भर के डण्डे सर पे खायें दनादन
      बचपन अपना होता तो न करते ढेँचू-ढेँचू
      और दुनिया कहती
      हैप्पी बर्थडे टू यू...


        Wednesday, 2 October 2019

        लकड़ी की काठी - Lakdi Ki Kati Kati Pe Ghoda Lyrics from Masoom

        जब आप सोचो 'बालगीत' और 'लकड़ी की काठी, काठी पे घोड़ा' गीत दिमाग मैं ना आये ऐसा हो ही नही सकता. लगभग सभी तो यह गीत बचपन से सुनते आये है. 'लकड़ी की काठी' मशहूर गीत १९८३ मैं आयी फिल्म 'मासूम' से है. गीत के बोल लिखे  है गुलज़ार साहब ने और  इसको संगीतबद्द किया है आर.डी.बर्मन ने. यह गीत बडे प्यार और मासुमियत से गाया है, गौरी बापट, गुरप्रीत कौर और वनिता मिश्रा ने.

        यह गीत छोटे उर्मिला मातोंडकर और जुगल हंसराज पर फिल्माया गया था और दोनो बडे प्यारे लग रहे थे.  इस जानकारी के साथ पेश है,  'लकड़ी की काठी, काठी पे घोड़ा' गीत के बोल हिंदी मै.


        फिल्म / एल्बम : मासूम (1983)
        संगीत दिया है:  आर.डी.बर्मन
        गीत के बोल: गुलज़ार
        गायक:  गौरी बापट, गुरप्रीत कौर, वनिता मिश्रा

        लकड़ी की काठी, काठी पे घोड़ा
        घोडे की दुम पे जो मारा हथौड़ा
        दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा दुम उठा के दौड़ा

        घोड़ा पहुंचा चौक में
        चौक में था नाई
        घोड़े जी की नाई ने हजामत जो बनाई
        टग-बग- (4)

        घोड़ा था घमंडी
        पहुंचा सब्जी मंडी
        सब्जी मंडी बरफ पड़ी थी
        बरफ में लग गई ठंडी
        टग-बग- (4)

        घोड़ा अपना तगड़ा है
        देखो कितनी चर्बी है
        चलता है महरौली में
        पर घोड़ा अपना अरबी है
        टग-बग- (4)



          Tuesday, 1 October 2019

          नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी - Nanhe Munne Bachche Teri Mutthi Lyrics from Boot Polish

          देश भक्ती गीत के श्रेणी मैं, पेश है आपके लिए नया गीत. गीत के बोल है, 'नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है'. यह गीत १९५४ मै आयी फिल्म 'बूट पॉलिश' से है. इस गीत को लिखा है शैलेन्द्र ने और गाया है आशा भोंसले और मो.रफ़ी साहब ने. 'नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है' गीत को संगीत दिया है शंकर-जयकिशनजी ने.

          देश का भविष्य बच्चे होते है और आप बच्चो के हांतो मै ताकत है, यही इस गीत ने प्रस्तुत किया है. इस जानकारी के साथ पेश है, 'नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है' गीत के बोल हिंदी मैं. धन्यवाद!


          फिल्म / एल्बम : बूट पॉलिश (1954)
          संगीत दिया है:  शंकर जयकिशन
          गीत के बोल: शैलेन्द्र
          गायक:  आशा भोंसले, मो.रफ़ी

          नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है
          मुट्ठी में है तकदीर हमारी
          हमने किस्मत को बस में किया है

          भोली-भाली मतवाली आँखों में क्या है
          आँखों में झूमे उम्मीदों की दिवाली
          आने वाली दुनिया का सपना सजा है
          नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी...

          भीख में जो मोती मिले लोगे या न लोगे
          ज़िन्दगी के आँसुओं का बोलो क्या करोगे
          भीख में जो मोती मिले तो भी हम न लेंगे
          ज़िन्दगी के आँसुओं की माला पहनेंगे
          मुश्किलों से लड़ते-फिरते जीने में मज़ा है
          नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी...

          हमसे न छुपाओ बच्चों हमें तो बताओ
          आने वाली दुनिया कैसी होगी समझाओ
          आने वाली दुनिया में सबके सर पे ताज होगा
          न भूखों की भीड़ होगी, न दुखों का राज होगा
          बदलेगा ज़माना ये सितारों पे लिखा है
          नन्हें मुन्ने बच्चे तेरी...




          Monday, 30 September 2019

          तू कितनी अच्छी है - Tu Kitni Achhi Hai Lyrics from Raja Aur Rank

          पाठको, इस बार आपके लिये लाये  है, १९६८ मै बनी फिल्म 'राजा और रंक' से 'तू कितनी अच्छी है' गीत के बोल. 'तू कितनी अच्छी है' गीत के बोल लिखे है आनंद बक्षी साहब ने और इसे गाया है लता मंगेशकर ने. इस गीत को संगीत से सजाया है मशहूर जोडी लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी ने. अपने माँ के प्रति करुणा एवं प्यार प्रस्तुत करता गीत है यह.

          इस साधारन जानकारी के साथ पेश है, 'तू कितनी अच्छी है' गीत के बोल संपूर्ण हिंदी मैं. आनंद ले!


          फिल्म / एल्बम : राजा और रंक (1968)
          संगीत दिया है: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
          गीत के बोल: आनंद बक्षी
          गायक: लता मंगेशकर

          तू कितनी अच्छी है
          तू कितनी भोली है
          प्यारी-प्यारी है
          ओ माँ, ओ माँ
          ये जो दुनिया है
          ये बन है काँटों का
          तू फुलवारी है
          ओ माँ, ओ माँ
          तू कितनी अच्छी है...

          दूखन लागी है माँ तेरी अँखियाँ
          मेरे लिए जागी है तू सारी-सारी रतियाँ
          मेरी निंदिया पे, अपनी निंदिया भी, तूने वारी है
          ओ माँ, ओ माँ
          तू कितनी अच्छी है...

          अपना नहीं तुझे सुख-दुख कोई
          मैं मुस्काया, तू मुस्काई, मैं रोया, तू रोई
          मेरे हँसने पे, मेरे रोने पे
          तू बलिहारी है
          ओ माँ, ओ माँ
          तू कितनी अच्छी है...

          माँ बच्चों की जां होती है
          वो होते हैं क़िस्मत वाले जिनके माँ होती है
          कितनी सुन्दर है, कितनी शीतल है
          न्यारी-न्यारी है
          ओ माँ, ओ माँ
          तू कितनी अच्छी है...


          Sunday, 29 September 2019

          है ना बोलो बोलो - Hai Na Bolo Bolo Lyrics from Andaaz

          दर्शको, इस बार आपके सामने लेके आये है, १९७१ मै आयी फिल्म अंदाज़ से 'है ना बोलो बोलो' गीत के बोल. इस गीत को गाया है सुमन कल्यानपुर, मो.रफ़ी, सुषमा श्रेष्ठ और प्रतिभा ने. हाला की, हम इसे बाल गीत बोल रहे है मगर पाठक अपने दिल से सोच कर उसे योग्य श्रेणी मै गिन सकते है. 'है ना बोलो बोलो' गीत के शब्द लिखे है हसरत जयपुरी साहब ने और इसको संगीत दिया है शंकर जयकिशन ने.

          यह गीत हेमा मालिनी और शम्मी कपूर साहब पर फिल्माया गया है. पेश है आपके लिये, 'है ना बोलो बोलो' गीत के बोल हिंदी मै. धन्यवाद!


          फिल्म / एल्बम : अंदाज़ (1971)
          संगीत दिया है: शंकर जयकिशन
          गीत के बोल: हसरत जयपुरी
          गायक: सुमन कल्यानपुर, मो.रफ़ी, सुषमा श्रेष्ठ. प्रतिभा

          है ना बोलो बोलो
          पापा को मम्मी से
          मम्मी को पापा से
          प्यार है, प्यार है

          पापा मम्मी मिलते हैं
          चुपके-चुपके हँसते हैं
          जाने क्या-क्या कहते हैं
          बातें करते रहते हैं
          है ना बोलो बोलो...

          मम्मी तेरी अच्छी है
          कितनी भोली-भाली है
          पापा भी तो अच्छे हैं
          कितने प्यारे-प्यारे हैं
          है ना बोलो बोलो...
          मुन्नी बोलो बोलो
          दीपू बोलो बोलो...

          है ना बोलो बोलो
          पापा को दीपू से
          मम्मी को मुन्नी से
          प्यार है, प्यार है...


            Saturday, 28 September 2019

            बार बार दिन ये आये - Bar Bar Din Ye Aaye Lyrics from Farz

            प्यारे पाठको, किसी भी दोस्त, रिश्तेदार का जन्मदिन हो और यह गीत याद ना आये ऐसा मुमकिन ही नही. आप इसे जन्मदिन गीत भी बोल सकते है. पेश कर रहे है आपके सामने, 'बार बार दिन ये आये' गीत के बोल. यह गीत १९६७ मैं आयी फिल्म 'फ़र्ज़' से है. गीत के बोल लिखे है आनंद बक्षीजी ने और इसको संगीत दिया है, मशहूर संगीतकार जोडी लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी ने. 'बार बार दिन ये आये' गीत को अजरामर किया है मो.रफ़ीजी की आवाज ने.

            पेश है आपके सामने 'बार बार दिन ये आये' गीत के बोल हिंदी मै. आनंद ले!





            फिल्म / एल्बम : फ़र्ज़ (1967)
            संगीत दिया है: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
            गीत के बोल: आनंद बक्षी
            गायक:  मो.रफ़ी

            बार बार दिन ये आये, बार बार दिल ये गाये
            तू जिए हज़ारों साल, ये मेरी है आरज़ू

            हॅपी बर्थडे टू यु (2)

            हॅपी बर्थडे टू सुनीता
            हॅपी बर्थडे टू यु

            बेक़रार हो के दामन, थाम लूँ मैं किसका
            क्या मिसाल दूँ मैं तेरी, नाम लूँ मैं किसका
            नहीं, नहीं, ऐसा हसीं, कोई नहीं है
            जिसपे ये नज़र रुक जाये, बेमिसाल जो कहलाये
            तू जिये हज़ारों साल...

            औरों की तरह कुछ मैं भी, तोहफ़ा आज लाता
            मैं तेरी हसीं महफ़िल में, फूल ले के आता
            जी ने कहा, उसे क्या है, फूलों की ज़रूरत
            जो बहार खुद कहलाये, हर कली का दिल धड़काये
            तू जिये हज़ारों साल...

            फूलों ने चमन से तुझको, है सलाम भेजा
            तारों ने गगन से तुझको, ये पयाम भेजा
            दुआ है ये, खुदा करे, ऐ शोख तुझको
            चाँद की उमर लग जाए, आये तो क़यामत आये
            तू जिए हज़ारों साल...





              Thursday, 26 September 2019

              चक्के में चक्का - Chakke Mein Chakka Lyrics from Brahmchari

              दर्शको/पाठको, इस बार आपके लिये लेके आये है 'चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी' गीत के बोल. यह गीत १९६८ मै आयी फिल्म 'ब्रह्मचारी' से है. गीत के बोल लिखे है शैलेन्द्रजी ने और इस गीत को संगीत दिया है शंकर-जयकिशनजी ने. यह गाना फिल्माया गया था शम्मी कपूर और कुछ बच्चो पर, जो एक गाडी मे गीत गाते जा रहे है. इस 'चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी' गीत को बडे ऊर्जा से गाया है मो.रफ़ीजी ने.

              कई लोग इसे बालगीत भी कहते है. पेश है इसी, 'चक्के में चक्का चक्के पे गाड़ी' गीत के बोल हिंदी मै. उम्मीद है आपको पसंद आयेंगे. धन्यवाद!

              फिल्म / एल्बम : ब्रह्मचारी (1968)
              संगीत दिया है: शंकर-जयकिशन
              गीत के बोल: शैलेन्द्र
              गायक: मो.रफ़ी

              चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी
              गाड़ी में निकली, अपनी सवारी
              थोड़े अगाड़ी, थोड़े पिछाड़ी

              चुन्नू छबीले, मुन्नू हठीले
              मखमल की टोपी, छोटू रंगीले
              लल्लू बटाटा, लल्ली टमाटा
              कामा बनेंगे गट्टू गठीले
              पेट में इनकी लम्बी सी दाढ़ी
              चक्के में चक्का...

              उमर में कच्चे, ये छोटे बच्चे
              हैं भोले भाले, हैं सीधे सच्चे
              ठानेंगे जो भी कर के रहेंगे
              ये अपनी धुन के, हैं पूरे पक्के
              कोई ना समझे इनको अनाड़ी
              चक्के में चक्का...

              लम्बा सफ़र है, टेढ़ी डगर है
              मंज़िल है मुश्किल, गिरने का डर है
              पर ना रुकेंगे, चलते चलेंगे
              ये सारी दुनिया, अब अपना घर है
              हार न मानेंगे, ये खिलाड़ी
              चक्के में चक्का...


                तारे ज़मीं पर - Taare Zameen Par Lyrics Title Song

                पाठको, इस बार हम आपके लिये ले आये है २००७ मै आयी फिल्म 'तारे ज़मीं पर' के शीर्षक गीत के बोल. 'खो ना जाये ये तारे ज़मीं पर' गीत लिखा है प्रसून जोशी ने और इसे संगीतबद्द किया है शंकर-एहसान-लॉय ने. यह फिल्म विशेष बच्चो पर बनायी गयी थी और इसमे, उन को शालेय जीवन मे होनी वाली तकलीफे दिखाई गयी थी. यह गाना अमीर खान और कुछ बच्चो पर फिल्माया गया है. 'खो ना जाये ये तारे ज़मीं पर' गीत को गाया है शंकर महादेवन ने और इनके आवाज ने इस गीत को पुरा न्याय दिया है.

                इस विस्तृत जानकारी के बाद, पेश है संपूर्ण 'तारे ज़मीं पर' के शीर्षक गीत के बोल हिंदी मै. कृपया आनंद ले. धन्यवाद!


                फिल्म / एल्बम : तारे ज़मीन पर (2007)
                संगीत दिया है: शंकर एहसान लॉय
                गीत के बोल: प्रसून जोशी
                गायक: शंकर महादेवन, डोमिनिक सेरेजो, विविएने पोचा

                देखो इन्हें ये हैं ओस की बूँदें
                पत्तों की गोद में आसमां से कूदे
                अंगड़ाई लें फिर करवट बदल कर
                नाज़ुक से मोती हंस दे फिसल कर
                खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

                ये तो हैं सर्दी में धूप की किरणें
                उतरें जो आँगन को सुनहरा सा करने
                मन के अंधेरो को रोशन सा कर दें
                ठिठुरती हथेली की रंगत बदल दें
                खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

                जैसे आँखों की डिबिया में निंदिया
                और निंदिया में मीठा सा सपना
                और सपने में मिल जाए फरिश्ता सा कोई
                जैसे रंगों भरी पिचकारी
                जैसे तितलियाँ फूलों की क्यारी
                जैसे बिना मतलब का प्यारा रिश्ता हो कोई

                ये तो आशा की लहर हैं
                ये तो उम्मीद की सहर हैं
                खुशियों की नहर हैं
                खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

                देखो रातों के सीने पे ये तो
                झिलमिल किसी लौ से उगे हैं
                ये तो अंबियो की खुश्बू हैं
                बागों से बह चले
                जैसे काँच में चूड़ी के टुकड़े
                जैसे खिले खिले फूलों के मुखड़े
                जैसे बंसी कोई बजाए पेड़ों के तले

                ये तो झोंके हैं पवन के
                हैं ये घुंघरू जीवन के
                ये तो सुर हैं चमन के
                खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

                मुहल्ले की रौनक गलियाँ हैं जैसे
                खिलने की ज़िद पर कलियाँ हैं जैसे
                मुट्ठी में मौसम की जैसे हवायें
                ये हैं बुज़ुर्गों के दिल की दुआएं
                खो ना जाएँ ये तारे ज़मीं पर

                कभी बातें जैसे दादी नानी
                कभी चले जैसे मम मम पानी
                कभी बन जाएँ भोले सवालों की झड़ी
                सन्नाटे में हँसी के जैसे
                सूने होठों पे खुशी के जैसे
                ये तो नूर हैं बरसे गर
                तेरी किस्मत हो बड़ी

                जैसे झील में लहराए चंदा
                जैसे भीड़ में अपने का कंधा
                जैसे मनमौजी नदिया
                झाग उड़ाए कुछ कहे
                जैसे बैठे बैठे मीठी सी झपकी
                जैसे प्यार की धीमी सी थपकी
                जैसे कानों में सरगम
                हरदम बजती ही रहे
                जैसे बरखा उडाती है निंदिया...



                Wednesday, 25 September 2019

                चंदा है तू मेरा सूरज है तू - Chanda Hai Tu Mera Suraj Hai Tu Lyrics from Aradhana

                प्यारे पाठको/दर्शको, आपके लिये प्रस्तुत कर रहे है लोरी गीत के बोल. लोरी का नाम है 'चंदा है तू मेरा सूरज है तू'. यह 'चंदा है तू मेरा सूरज है तू' गीत है १९६९ मै आयी फिल्म 'आराधना' से. इस गीत के बोल लिखे है आनंद बक्षीजी ने और इस लोरी को संगीतबद्ध किया है एस.डी.बर्मन ने. इस गीत को बडे प्यारे अंदाज मै गाया है लता मंगेशकर दीदी ने. उनकी आवाज इस गीत को अजरामर कर गयी है.

                इस जानकारी के बाद पेश है आपके सामने 'चंदा है तू मेरा सूरज है तू' गीत के बोल हिंदी मै. उम्मीद है आप पसंद करेंगे.


                फिल्म / एल्बम : आराधना (1969)
                संगीत दिया है: एस.डी.बर्मन
                गीत के बोल: आनंद बक्षी
                गायक: लता मंगेशकर

                चंदा है तू, मेरा सूरज है तू
                ओ मेरी आँखों का तारा है तू
                जीती हूँ मैं बस तुझे देखकर
                इस टूटे दिल का सहारा है तू

                तू खेले खेल कई, मेरा खिलोना है तू
                जिससे बँधी हर आशा मेरी
                मेरा वो सपना सलोना है तू
                नन्हां सा है, कितना सुंदर है तू
                छोटा सा है, कितना प्यारा है तू
                चंदा है तू, मेरा सूरज है तू...

                मुन्ने तू खुश है बड़ा, तेरे गुड्डे की शादी है आज
                मैं वारी रे, मैं बलिहारी रे
                घूँघट में गुड़िया को आती है लाज
                यूँ ही कभी होगी शादी तेरी
                दूल्हा बनेगा कुंवारा है तू
                चंदा है तू, मेरा सूरज है तू...

                पुरवई वन में उड़े, पंछी चमन में उड़े
                राम करे कभी हो के बड़ा
                तू बन के बादल गगन में उड़े
                जो भी तुझे देखे वो ये कहे
                किस माँ का ऐसा दुलारा है तू
                चंदा है तू, मेरा सूरज है तू...



                Tuesday, 24 September 2019

                लल्ला लल्ला लोरी - Lalla Lalla Lori Lyrics from Mukti

                प्यारे पाठको, आज हम हर परिवार के अंताक्षरी खेल का अविभाज्य भाग होने वाला गीत पेश कर रहे है. गीत के बोल है  'लल्ला लल्ला लोरी'. यह गीत हर अंताक्षरी मै जरूर याद किया जाता है. चलीये देखते इस गीत के बारे मै, 'लल्ला लल्ला लोरी' गीत १९७७ मै आयी फिल्म 'मुक्ति' से है. इस गीत के बोल लिखे है आनंद बक्षीजी ने और इसे गाया है मुकेश और लता मंगेशकर ने. इस गीत को संगीत दिया है आर.डी.बर्मन ने.

                पाठको, इस 'लल्ला लल्ला लोरी' बालगीत के बोल हिंदी मै प्रस्तुत कर रहे है. आशा है आपको पसंद आयेंगे. धन्यवाद!


                फिल्म / एल्बम : मुक्ति (1977)
                संगीत दिया है: आर.डी.बर्मन
                गीत के बोल: आनंद बक्षी
                गायक: मुकेश, लता मंगेशकर

                लल्ला लल्ला लोरी, दूध की कटोरी
                दूध में बताशा, मुन्नी करे तमाशा

                छोटी-छोटी प्यारी-प्यारी सुन्दर परियों जैसी है
                किसी की नज़र ना लगे, मेरी मुन्नी ऐसी है
                शहद से भी मीठी, दूध से भी गोरी
                चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
                लल्ला लल्ला लोरी...

                कारी रैना के माथे पे, चमके चाँद सी बिंदिया
                मुन्नी के छोटे-छोटे नैनों में खेले निंदिया
                सपनों का पलना, आशाओं की डोरी
                चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
                लल्ला लल्ला लोरी...

                लल्ला लल्ला लोरी, दूध की कटोरी
                दूध में बताशा, जीवन खेल तमाशा

                आधी मुरझा जाती है, थोड़ी सी कलियाँ खिलती हैं
                सारी की सारी खुशियाँ, जीवन में किसको मिलती हैं
                या टूटे पलना, या टूटे डोरी
                चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
                लल्ला लल्ला लोरी...

                लिखने को लिखवाती मैं, आगे क्या है गाना
                लेकिन मैं क्या करती, तेरे पापा को था जाना
                मुझसे भी छिपकर, तुझसे भी चोरी
                चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
                लल्ला लल्ला लोरी...



                बच्चे मन के सच्चे - Bachche Man Ke Sachche Lyrics from Do Kaliyan

                प्यारे बहनो और भाइयों, आपके सामने पेश है १९६८ मै आयी फिल्म 'दो कलियाँ' से 'बच्चे मन के सच्चे' गीत के बोल. 'बच्चे मन के सच्चे' गीत को लिखा था साहिर लुधियानवीजी ने और इस गाने को संगीत बद्द किया था रवी ने. यह गाना बहुत ही खुबसुरती से गाया है लता मंगेशकर दीदी ने, यही कारण है की १९६९ का गाना आज के दौर मै भी सुना जा रहा है.

                इसे हम बालगीत भी कह सकते है, पेश है इसी संपूर्ण 'बच्चे मन के सच्चे' गीत के बोल हिंदी मै. आशा है आप सभी को पसंद आयेंगे. धन्यवाद!


                फिल्म / एल्बम : दो कलियाँ (1968)
                संगीत दिया है: रवि
                गीत के बोल: साहिर लुधियानवी
                गायक: लता मंगेशकर

                बच्चे मन के सच्चे
                सारे जग की आँख के तारे
                ये वो नन्हें फूल हैं जो
                भगवान को लगते प्यारे
                बच्चे मन के सच्चे...

                खुद रूठे, खुद मन जायें, फिर हमजोली बन जायें
                झगड़ा जिसके साथ करे, अगले ही पल फिर बात करे
                इनको किसी से बैर नहीं, इनके लिए कोई ग़ैर नहीं
                इनका भोलापन मिलता है सबको बाँह पसारे
                बच्चे मन के सच्चे...

                इन्साँ जब तक बच्चा है, तब तक समझो सच्चा है
                ज्यूँ-ज्यूँ उसकी उमर बढ़े, मन पर झूठ का मैल चढ़े
                क्रोध बढ़े, नफ़रत घेरे, लालच की आदत घेरे
                बचपन इन पापों से हटकर अपनी उमर गुज़ारे
                बच्चे मन के सच्चे...

                तन कोमल, मन सुन्दर है, बच्चे बड़ों से बेहतर हैं
                इनमें छूत और छात नहीं, झूठी ज़ात और पात नहीं
                भाषा की तकरार नहीं, मज़हब की दीवार नहीं
                इनकी नज़रों में एक है, मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे
                बच्चे मन के सच्चे...



                Monday, 23 September 2019

                रेल गाड़ी - Rail Gaadi Lyrics from Aashirwad

                प्यारे दर्शको/पाठको, पेश है आपके लिये बालगीत 'रेल गाड़ी रेल गाड़ी' के बोल. यह गीत १९६८ मै आयी फिल्म 'आशिर्वाद' से है. इस गीत के बोल लिखे है हरीन्द्रनाथ चटोपाध्यायजी ने और इसे गाया है अशोक कुमारजी ने. 'आशिर्वाद' फिल्म को संगीत दिया था वसंत देसाईजी ने. 'रेल गाड़ी रेल गाड़ी' गीत चित्रित हुआ था खुद अशोक कुमारजी पर. यह गीत बच्चो के लिये था तो आज भी अजरामर लगता है. इस गीत के पिछले कुछ दिनो मै काफ़ी रीमिक्स बने और नये जमाने की पिढी ने इसे पसंद भी किया. यही बात यह गीत अजरामर है बताती है.

                इस जानकारी के बाद पेश है आपके लिये, 'रेल गाड़ी रेल गाड़ी' के बोल संपूर्ण हिंदी मैं. आशा है आपको पसंद आयेंगे. धन्यवाद!



                फिल्म / एल्बम : आशिर्वाद (1968)
                संगीत दिया है: वसंत देसाई
                गीत के बोल: हरीन्द्रनाथ चटोपाध्याय
                गायक: अशोक कुमार

                आओ बच्चों खेल दिखाएँ, छुक-छुक करती रेल चलाएँ
                सिटी लेकर सीट पे बैठो, एक-दूजे की पीठ पे बैठो
                आगे-पीछे, पीछे-आगे, लाइन से लेकिन कोई न भागे
                सारी-सीधी लाइन में चलना, आँखें दोनों मीचे रखना
                बंद आँखों से देखा जाए, आँख खुले तो कुछ न पाएँ
                आओ बच्चों रेल चलाएँ

                सुनो रे बच्चों टिकट कटाओ
                तुम लोग नहीं आओगे तो रेल गाड़ी छूट जाएगी
                यठ्ठणणणणण, यठ्ठणणणणण
                भफ भफ भफ भफ...

                आओ सब लाइन में खड़े हो जाओ
                मुन्नी, तुम हो इंजन, डब्बू, तुम हो कोयले का डिब्बा
                चुन्नू, मुन्नू, लीला, शीला, मोहन, सोहन, जादव, माधव
                सब पैसेंजर, सब पैसेंजर
                यठ्ठणणणणण, यठ्ठणणणणण
                रेडी? एक दो...

                रेल गाड़ी, रेल गाड़ी
                छुक छुक छुक छुक...
                बीच वाले स्टेशन बोले
                रूक रूक रूक रूक...
                तड़क-भड़क, लोहे की सड़क
                धड़क-धड़क, लोहे की सड़क
                यहाँ से वहाँ, वहाँ से यहाँ (2)

                छुक छुक छुक छुक छुक

                फुलाए छाती, पार कर जाती
                बालू रेत, आलू के खेत
                बाजरा धान, बुड्ढा किसान
                हरा मैदान, मंदिर, मकान, चाय की दुकान
                पुल-पगडण्डी, किले पे झंडी
                पानी के कुंड, पंछी के झुण्ड
                झोंपड़ी, झाड़ी, खेती-बाड़ी
                बादल, धुआँ, मोट-कुआँ
                कुएँ के पीछे, बाग़-बगीचे
                धोबी का घाट, मंगल की हाट
                गाँव में मेला, भीड़ झमेला
                टूटी दीवार, टट्टू सवार
                रेल गाड़ी, रेल गाड़ी...

                धरमपुर-ब्रह्मपुर, ब्रह्मपुर-धरमपुर
                मंगलौर-बैंगलोर, बैंगलोर-मंगलौर
                मांडवा-खांडवा, खांडवा-मांडवा
                रायपुर-जयपुर, जयपुर-रायपुर
                तालेगाँव-मालेगाँव, मालेगाँव- तालेगाँव
                नेल्लूर-वेल्लूर, वेल्लूर-नेल्लूर
                शोलापुर-कोल्हापुर, कोल्हापुर-शोलापुर
                कुक्कल-डिंडिगल, डिंडिगल-कुक्कल
                मछलीपट्नम-भीमनीपटनम, भीमनीपटनम-मछलीपट्नम
                ओंगोल-नारगोल, नारगोल-ओंगोल
                कोरेगाँव-गोरेगाँव, गोरेगाँव-कोरेगाँव
                अहमदाबाद-महमदाबाद, महमदाबाद-अहमदाबाद
                शोतपुर-जोधपुर, जोधपुर-शोतपुर
                छुक छुक छुक छुक छुक...
                बीच वाले स्टेशन बोले...