प्यारे पाठको, आज हम हर परिवार के अंताक्षरी खेल का अविभाज्य भाग होने वाला गीत पेश कर रहे है. गीत के बोल है 'लल्ला लल्ला लोरी'. यह गीत हर अंताक्षरी मै जरूर याद किया जाता है. चलीये देखते इस गीत के बारे मै, 'लल्ला लल्ला लोरी' गीत १९७७ मै आयी फिल्म 'मुक्ति' से है. इस गीत के बोल लिखे है आनंद बक्षीजी ने और इसे गाया है मुकेश और लता मंगेशकर ने. इस गीत को संगीत दिया है आर.डी.बर्मन ने.
पाठको, इस 'लल्ला लल्ला लोरी' बालगीत के बोल हिंदी मै प्रस्तुत कर रहे है. आशा है आपको पसंद आयेंगे. धन्यवाद!
पाठको, इस 'लल्ला लल्ला लोरी' बालगीत के बोल हिंदी मै प्रस्तुत कर रहे है. आशा है आपको पसंद आयेंगे. धन्यवाद!
फिल्म / एल्बम : मुक्ति (1977)
संगीत दिया है: आर.डी.बर्मन
गीत के बोल: आनंद बक्षी
गायक: मुकेश, लता मंगेशकर
लल्ला लल्ला लोरी, दूध की कटोरी
दूध में बताशा, मुन्नी करे तमाशा
छोटी-छोटी प्यारी-प्यारी सुन्दर परियों जैसी है
किसी की नज़र ना लगे, मेरी मुन्नी ऐसी है
शहद से भी मीठी, दूध से भी गोरी
चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी...
कारी रैना के माथे पे, चमके चाँद सी बिंदिया
मुन्नी के छोटे-छोटे नैनों में खेले निंदिया
सपनों का पलना, आशाओं की डोरी
चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी...
लल्ला लल्ला लोरी, दूध की कटोरी
दूध में बताशा, जीवन खेल तमाशा
आधी मुरझा जाती है, थोड़ी सी कलियाँ खिलती हैं
सारी की सारी खुशियाँ, जीवन में किसको मिलती हैं
या टूटे पलना, या टूटे डोरी
चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी...
लिखने को लिखवाती मैं, आगे क्या है गाना
लेकिन मैं क्या करती, तेरे पापा को था जाना
मुझसे भी छिपकर, तुझसे भी चोरी
चुपके-चुपके, चोरी-चोरी, चोरी
लल्ला लल्ला लोरी...
