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Monday, 11 November 2019

कर हर मैदान फ़तेह - Kar Har Maidan Fateh Lyrics from Sanju

दोस्तो, आपके लिये इस बार ले के आये है 'कर हर मैदान फ़तेह' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत २०१८ मैं आयी फिल्म 'संजू' से है. 'संजू' फिल्म अभिनेता संजय दत्त के जीवन पर बनी बायोपिक थी. 'कर हर मैदान फ़तेह' गीत के बोल लिखे है शेखर अस्तित्व ने और इसे गाया है सुखविंदर सिंह और श्रेया घोषाल ने. इस गीत को संगीतबद्ध किया है विक्रम मोन्ट्रोसे ने. 'संजू' फिल्म मैं अभिनेता रणबीर कपूर प्रमुख संजय दत्त के किरदार मै दिखे और यह भूमिका रणबीर ने खूब निभायी हैं.

इस संपूर्ण जानकारी के साथ पेश है, 'कर हर मैदान फ़तेह' गीत के बोल हिंदी मैं. आनंद ले!



फिल्म / एल्बम : संजू (2018)
संगीत दिया है: विक्रम मोन्ट्रोसे
गीत के बोल: शेखर अस्तित्व
गायक: सुखविंदर सिंह, श्रेया घोषाल

पिघला दे ज़ंजीरें...
बना उनकी शमशीरें...
कर हर मैदान फ़तेह ओ... बंदेया..
कर हर मैदान फ़तेह..

घायल परिंदा है तू..
दिखला दे ज़िन्दा है तू..
बाक़ी है तुझमें हौसला..
तेरे जुनूँ के आगे..
अम्बर पनाहें माँगे..
कर डाले तू जो फैसला...

रूठी तकदीरें तो क्या??
टूटी शमशीरें तो क्या??
टूटी शमशीरों से ही हो हो हो हो

कर हर मैदान फ़तेह (3)
 रेsss.. बंदेया..
हर मैदान फ़तेह (2)

इन गर्दिशों के
बादलों पे चढ़ के
वक़्त का गिरेबां पकड़ के
पूछना है जीत का पता
जीत का पता
इन मुट्ठियों में
चाँद तारे भर के
आसमां की हद से गुज़र के

हो जा तू भीड़ से जुदा
भीड़ से जुदा (2)

कहने को ज़र्रा है तू
लोहे का छर्रा है तू
टूटी शमशीरों से ही हो हो हो हो

कर हर मैदान फ़तेह (3)
 रेsss.. बंदेया..
हर मैदान फ़तेह (3)

तेरी कोशिशें ही कामयाब होंगी
जब तेरी ये ज़िद आग होगी

फूँक देंगी नाउमीदियाँ (3)

तेरे पीछे-पीछे रास्ते ये चल के
बाहों के निशानों में ढल के
ढूँढ लेंगे अपना आशियाँ (3)
लम्हों से आँख मिला के
रख दे जी जान लड़ा के

टूटी शमशीरों से ही हो हो हो हो

कर हर मैदान फ़तेह (4)

कर हर मैदान फ़तेह (3)
बंदेया..
हर मैदान फ़तेह (3)

कर हर मैदान फ़तेह
 रेsss.. बंदेया..
हर मैदान फ़तेह


इन्साफ की डगर पे - Insaf Ki Dagar Pe Bacho Lyrics from Ganga Jumna

प्यारे पाठको, देशभक्ती गीतो की श्रेणी मैं प्रस्तुत है 'इन्साफ की डगर पे बच्चों दिखाओ चल के' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत १९६१ मैं आयी फिल्म 'गंगा जमुना' से है. इस गीत के बोल लिखे है शकील बदायुनी ने और इसे गाया है हेमंत कुमारजी ने. 'इन्साफ की डगर पे' गीत को संगीत दिया है नौशाद अली साहब ने.

इस जानकारी के साथ पेश है, 'इन्साफ की डगर पे बच्चों दिखाओ चल के' गीत के बोल हिंदी मैं. जय हिंद!


फिल्म / एल्बम : गंगा जमुना (1961)
संगीत दिया है: नौशाद अली
गीत के बोल: शकील बदायुनी
गायक: हेमंत कुमार

इन्साफ की डगर पे
बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा
नेता तुम्ही हो कल के (2)

दुनियां के रंज सहना..और कुछ ना मुह से कहना (2)

सच्चाइयों के बल पे आगे को बढ़ते रहना (2)

रख दोगे एक दिन तुम संसार को बदलके (2)

इन्साफ की डगर पे
बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा
नेता तुम्ही हो कल के

अपने हो या पाराए.. सब के लिए हो न्याय (2)

देखो कदम तुम्हारा.. हरगीज़ ना डगमगाए (2)

रस्ते बड़े कठिन हैं चलना संभल संभल के.. (2)

इन्साफ की डगर पे
बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा
नेता तुम्ही हो कल के

आ आ आ आ... (2)
आ आ आ आ आ...

इंसानियत के सर पे इज्ज़त का ताज रखना (2)

तन मन की भेंट देकर.. भारत की लाज रखना (2)

जीवन नया मिलेगा.. अंतिम चिता में जल के (2)

इन्साफ की डगर पे
बच्चों दिखाओ चल के
ये देश है तुम्हारा
नेता तुम्ही हो कल के (2)




Sunday, 10 November 2019

हिंदुस्तानी - Suno Gaur Se Duniya Walo Lyrics from DUS

दोस्तो, देशभक्ती गीतो की सूची मैं और एक गीत पेश कर रहे है. गीत के बोल है 'सुनो गौर से दुनिया वालों. इस गीत को 'हिंदुस्तानी' गीत भी कहा जाता है. यह गीत १९९७ मैं आयी फिल्म 'दस' से है.

'सुनो गौर से दुनिया वालों बुरी नज़र ना हम पे डालो' गीत के बोल लिखे है समीर ने और इसे गाया है शंकर महादेवन, उदित नारायण,महालक्ष्मी अय्यर और डॉमनिक सेरेजो ने. 'हिंदुस्तानी' गीत को संगीत से सजाया हैं शंकर-एहसान-लॉय ने. वैसे तो यह गीत गैरफिल्मी गीतो मैं गिना जाता है क्यो की, १९९७ वाली 'दस' फिल्म कुछ कारण से प्रदर्शित नहीं हो पायी थी.

इस महत्वपूर्ण जानकारी के साथ पेश हैं, 'हिंदुस्तानी' गीत के बोल हिंदी मैं. जय हिंद!


फिल्म / एल्बम :  दस (1997)
संगीत दिया है: शंकर- एहसान-लॉय
गीत के बोल: समीर
गायक: शंकर महादेवन, उदित नारायण, महालक्ष्मी अय्यर, डोमनिक सेरेजो

सुनो गौर से दुनिया वालों...
बुरी नज़र ना हमपे डालो...

सुनो गौर से दुनिया वालों
बुरी नज़र ना हमपे डालो
चाहे जितना ज़ोर लगालो
सबसे आगे
होंगे हिंदुस्तानी...
हिंदुस्तानी.. हिंदुस्तानी... (2)

हमने कहा है
 तुम भी कहो
हमने कहा है जो
तुम भी कहोsss..

आओ हम मिल-जुल के
बोलें अब तो यारा
अपना जहाँ है सबसे प्यारा (2)

हमने कहा है जो
तुम भी कहोsss..

जलते शरारें हैं
पानी के धारे हैं
हम काटे काटते नहीं..

जो वाद करते हैं
करके निभाते हैं
हम पीछे हटते नहीं..

वक़्त है
उम्र है
जोश है
और जान है...
ना झुकें
ना मिटें
देश तो अपनी शान है (2)

हमने कहा है जो
तुम भी कहोsss....

सुनो गौर से दुनिया वालों
बुरी नज़र ना हमपे डालो
चाहे जितना ज़ोर लगालो
सबसे आगे
होंगे हिंदुस्तानी...
हिंदुस्तानी.. हिंदुस्तानी...

सबके दिलों को
मोहब्बत से बांधे जो
हम ऐसी ज़ंजीर हैं..

ऊँची उड़ाने हैं
ऊँचे इरादे हैं
हम कल की तस्वीर हैं
जो हमें प्यार दे
हम उसे यार प्यार दें
दोस्ती के लिए
ज़िन्दगी अपनी वार दें (2)

हमने कहा है जो
तुम भी कहोsss....

सुनो गौर से दुनिया वालों
बुरी नज़र ना हमपे डालो
चाहे जितना ज़ोर लगालो
सबसे आगे
होंगे हिंदुस्तानी...
हिंदुस्तानी.. हिंदुस्तानी...



कबीरा - Re Kabira Maan Ja Lyrics from Yeh Jawaani Hai Deewani

पाठको, पेश कर रहे हैं बिदाई गीत के श्रेणी मैं, 'रे कबीरा मान जा' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल २०१३ मैं आयी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' से है. इस गीत के बोल लिखे है अमिताभ भट्टाचार्य ने और इसे गाया है रेखा भारद्वाज और  तोची रैना ने. 'रे कबीरा मान जा' गीत को संगीतबद्ध किया है प्रीतम चक्रबर्ती ने. इस 'ये जवानी है दीवानी' फिल्म मैं रणबीर कपूर और दीपिका पदुकोण प्रमुख किरदार मैं दिखे.

इस संक्षिप्त जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'रे कबीरा मान जा' गीत के बोल हिंदी मैं. धन्यवाद!


फिल्म / एल्बम : ये जवानी है दीवानी (2013)
संगीत दिया है: प्रीतम चक्रबर्ती
गीत के बोल: अमिताभ भट्टाचार्य
गायक: रेखा भारद्वाज, तोची रैना

बन्नो रे बन्नो मेरी
चली ससुराल को
अखियों में पानी दे गयी
दुवा में
मीठी गुड-धानी ले गयी
हाय.. (2)

कैसी तेरी खुदगर्ज़ी
ना धुप चुने ना छांव
कैसी तेरी खुदगर्ज़ी
किसी ठौर टिके ना पाँव

बन लिया अपना पैगम्बर
तर लिया तू सात समंदर
फिर भी सुखा मन के अंदर
क्यूँ रह गया...

रे कबीरा मान जा...
रे फ़कीरा मान जा...
आजा तुझको पुकारे तेरी परछाईयाँ..
रे कबीरा मान जा...
रे फ़कीरा मान जा...
कैसा तू है निरमोही
कैसा हरजाईया...

टूटी चारपाई वही
ठंडी पुरवाई
रस्ता देखे...

दूधों की मलाई वही
मिट्टी की सुराही
रस्ता देखे...

कैसी तेरी खुदगर्ज़ी
लब नमक रमे ना मिसरी

कैसी तेरी खुदगर्ज़ी
तुझे प्रीत पुरानी बिसरी

मस्त मौला
मस्त कलंदर
तू हवा का एक बवंडर
बुझके यूँ अन्दर ही अन्दर
क्यूँ रह गया...

रे कबीरा मान जा...
रे फ़कीरा मान जा...
आजा तुझको पुकारे तेरी परछाईयाँ..
रे कबीरा मान जा...
रे फ़कीरा मान जा...
कैसा तू है निरमोही
कैसा हरजाईया...



Saturday, 9 November 2019

ख्वाजा मेरे ख्वाजा - Khwaja Mere Khwaja Lyrics from Jodhaa Akbar

भाईयों, सुफी गीतो के श्रेणी मैं प्रस्तुत है 'ख्वाजा मेरे ख्वाजा' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल २००८ मैं आयी फिल्म 'जोधा अकबर' से है. इस गीत के अल्फाज लिखे है काशिफ ने और इसे संगीत दिया है महान संगीतकार ए.आर.रहमान ने.  इस 'ख्वाजा मेरे ख्वाजा' गीत को गाया है, ए.आर.रहमान ने खुद. 'जोधा अकबर' फिल्म मैं ऐश्वर्या राय-बच्चन और हृतिक रोशन प्रमुख भूमिका मैं दिखे.

इस जानकारी के साथ पेश है, 'जोधा अकबर' फिल्म से'ख्वाजा मेरे ख्वाजा' गीत के बोल हिंदी मैं.



फिल्म / एल्बम : जोधा अकबर (2008)
संगीत दिया है: ए.आर.रहमान
गीत के बोल: काशिफ
गायक: ए.आर.रहमान

ख्वाजा जी ख्वाजा
ख्वाजा जी....

ख्वाजा जी (2)

या ग़रीब नवाज (4)

या मोइनुद्दीन (3)

या ख्वाजा जी... (5)

ख्वाजा मेरे ख्वाजा
दिल में समा जा
शाहो का शाह तू
अली का दुलारा (2)

ख्वाजा मेरे ख्वाजा
दिल में समा जा... (2)

बेकसों की तक़दीर
तूने है संवारी (2)

ख्वाजा मेरे ख्वाजा..

तेरे दरबार में ख्वाजा
दूर तो है देखा.....
तेरे दरबार में ख्वाजा
सर झुकातें है औलिया
तू है उनलवली ख्वाजा
रुतबा है प्यारा
चाहने से तुझको ख्वाजा जी
मुस्तफ़ा को पाया

ख्वाजा मेरे ख्वाजा
दिल में समा जा
शाहो का शाह तू
अली का दुलारा...

मेरे पीर का सदका (2)
है मेरे पीर का सदका
तेरा दामन है थामा
ख्वाजा जी...

टली हर बला हमारी
छाया है खुमार तेरा
जितना भी रश्क करे बेशक
तो कम है ऐ मेरे ख्वाजा
तेरे क़दमों को मेरे रहनुमा नहीं
छोड़ना गंवारा

ख्वाजा मेरे ख्वाजा
दिल में समा जा
शाहो का शाह तू
अली का दुलारा...

ख्वाजा मेरे ख्वाजा
दिल में समा जा (2)

बेकसों की तक़दीर
तूने है संवारी (2)

ख्वाजा मेरे ख्वाजा
दिल में समा जा  जी
शाहो का शाह तू
अली का दुलारा जी

ख्वाजा जी (4)


मेरा मुल्क मेरा देश - Mera Mulk Mera Desh Lyrics from Diljale

पाठको, देशभक्ती गीत के श्रेणी मैं इस बार प्रस्तुत है 'मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९९६ मैं आयी फिल्म 'दिलजले' से है. इस गीत के शब्द लिखे है जावेद अख्तर साहब ने और इसे गाया है आदित्य नारायण, कुमार सानू और कविता कृष्णामूर्ति ने. 'मेरा मुल्क मेरा देश' गीत को संगीत दिया है अनु मलिक ने. फिल्म 'दिलजले' मैं अजय देवगण प्रमुख किरदार मैं दिखे.

इस विस्तृत जानकारी के साथ पेश है, 'मेरा मुल्क मेरा देश' गीत के बोल हिंदी मैं. जय हिंद!



फिल्म / एल्बम : दिलजले (1996)
संगीत दिया है: अनु मलिक
गीत के बोल: जावेद अख्तर
गायक: आदित्य नारायण, कुमार सानू, कविता कृष्णामूर्ति

मेरा मुल्क
मेरा देश
मेरा ये वतन...

शांति का
उन्नति का
प्यार का चमन...

इसके वास्ते निसार है मेरा तन
मेरा मन...

ऐ वतन... (3)

जानेमन...(3)

मेरा मुल्क
मेरा देश
मेरा ये वतन...

शांति का
उन्नति का
प्यार का चमन...

इसकी मिट्टी से बने
तेरे मेरे ये बदन...
इसकी धरती तेरे-मेरे वास्ते गगन...
इसने ही सिखाया हमको जीने का चलन..

इसके वास्ते निसार है मेरा तन
मेरा मन...

ऐ वतन... (3)

जानेमन...(3)

अपने इस चमन को
स्वर्ग हम बनाएंगे...
कोना कोना
अपने देश का सजाएंगे ...

जश्न होगा जिंदगी का
होंगे सब मगन... (2)

इसके वास्ते निसार है मेरा तन
मेरा मन...

ऐ वतन... (3)

जानेमन...(3)

कल के सारे वादे
आज टूटने लगे...
हाथ में जो हाथ थे
 वो छूटने लगे...
काश लौट आये
पहले जैसा अपनापन..

ऐ वतन... (3)

जानेमन...(3)

मेरा मुल्क
मेरा देश
मेरा ये वतन...
शांति का
उन्नति का
प्यार का चमन... (2)

मेरा मुल्क
मेरा देश
मेरा ये वतन...
शांति का
उन्नति का
प्यार का चमन...

इसके वास्ते निसार है मेरा तन
मेरा मन...

ऐ वतन... (3)

जानेमन...(3)

ऐ वतन... (3)

जानेमन...(3)



Friday, 8 November 2019

दूल्हे का सेहरा - Dulhe Ka Sehra Lyrics from Dhadkan

दोस्तो, वैसे तो फिल्म 'धडकन' के सभी गाने सुपरहिट रहे, मगर 'नुसरत फ़तेह अली खां' के आवाज से सजा यह 'दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है' गीत कुछ अलग ही प्रसिद्ध हुआ. इस बार आपके लिये लाये है इसी गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत लिखा है समीर ने और इसे संगीत से सजया है मशहूर संगीतकार जोडी नदीम-श्रवण ने. साल २००० मैं आयी फिल्म 'धडकन' मैं सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार और शिल्पा शेट्टी प्रमुख भुमिका मैं दिखे. 'दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है' गीत अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, कादर खान पर फिल्माया गया है.

इस जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है' गीत के बोल हिंदी मैं.



फिल्म / एल्बम : धडकन (2000)
संगीत दिया है: नदीम-श्रवण
गीत के बोल: समीर
गायक: नुसरत फतेह अली खान

आह...
आह...

शहनाइयों की, सदा कह रही है..

ख़ुशी की मुबारक, घडी आ गयी है

सजी सुर्ख़ जोड़ी में, चांद सी दुल्हन
ज़मीं पे फलक, से पारी आ गयी है

आह... (5)
आह... (5)
आह... (5)
आह... (5)
आह... (5)
आह... (5)
आह... (5)

आह... (4)

आह... (5)
आह... (5)

दूल्हे का सेहरा, सुहाना लगता है (2)

दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है

दूल्हे का सेहरा, सुहाना लगता है
दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है

पलभर में कैसे बदलते हैं रिश्ते (2)

अब तो हर अपना, बेगाना लगता है

दूल्हे का सेहरा, सुहाना लगता है
दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है (2)

सात फेरों से बंधा जन्मों का यह बंधन
प्यार से जोड़ा है रबने प्रीत का दामन (2)

हैं नयी रस्में, नयी कसमें, नयी उलझन
होंठ है खामोश, लेकिन कह रही धड़कन

धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)

धड़कन मेरी धड़कन
धड़कन तेरी धड़कन

धड़कन मेरी धड़कन
धड़कन तेरी धड़कन

धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)

धड़कन मेरी धड़कन...
मेरी धड़कन...

मुश्किल अश्कों को, छुपाने लगता है (2)

दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है
पलभर में कैसे बदलते हैं रिश्ते
अब तो हर अपना, बेगाना लगता है

दूल्हे का सेहरा, सुहाना लगता है
दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है (2)

मैं तेरी बाहों के झूले में पली बाबुल
जा रही हूँ छोड़के, तेरी गली बाबुल

मैं तेरी बाहों के झूले में पली बाबुल (2)

जा रही हूँ छोड़के तेरी गली बाबुल
खूबसूरत यह ज़माने याद आयेंगे
चाहके भी हम, तुम्हे न भूल पायेंगे

मुस्खिल.. (3)

मुश्किल दामन को चुराने लगता है
दुल्हन का तो दिल
दीवाना लगता है (2)

पलभर में कैसे बदलते हैं रिश्ते
अब तो हर अपना, बेगाना लगता है

दूल्हे का सेहरा, सुहाना लगता है
दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है (2)

दूल्हे का सेहरा, सुहाना लगता है
दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है (2)

दूल्हे का सेहरा, सुहाना लगता है
दुल्हन का तो, दिल दीवाना लगता है (2)

धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)
धड़कन.. (2)



एक चुम्मा - Ek Chumma or Uche Sandal Wali Lyrics from Housefull 4

दर्शको, पेश है साल २०१९ का और एक सुपरहिट गीत 'एक चुम्मा' के बोल हिंदी मैं. इस गीत को 'ओह ऊँची सेंडल वाली ताली पे मार ताली' गीत भी कहा जाता है. यह गीत २०१९ आयी फिल्म 'हाऊसफुल्ल 4' से है. गीत के बोल लिखे है समीर अनजान ने और इसे गाया है सोहेल सेन, अल्तमश फरीदी और ज्योतिका टंगरी ने. 'ओह ऊँची सेंडल वाली' गीत को संगीत दिया है सोहेल सेन ने. यह गीत सभी सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है.

पेश है इस जानकारी के साथ, 'एक चुम्मा'/ 'ओह ऊँची सेंडल वाली ताली पे मार ताली' गीत के बोल हिंदी मैं.



फिल्म / एल्बम : हाऊसफुल्ल 4 (2019)
संगीत दिया है:  सोहेल सेन
गीत के बोल:  समीर अनजान
गायक: सोहेल सेन, अल्तमश फरीदी, ज्योतिका टंगरी

ओह मँडम  गॉगल्स  वाली
डोन्ट गो यूं देके गाली
आss आह..
ओह मँडम गॉगल्स वाली
डोन्ट गो यूं देके गाली

उम्माह!
उम्माह!

हा गुंडो से छुडाया है...
मैने तुझे बचाया है... (2)

हा पुछ ले सामने जनता है

इक चुम्मा इक चुम्मा.. (4)
उम्माह! उम्माह!
उम्माह!

मेरी जान इधर उधर
डाले क्यू मुझपे नजर
मुझे तो लगे लगे
तेरी फीतरत से डर
जान मै जानु जानू...

तेरी सारी साजीशे...
पुरी ना होंगी
होंगी तेरी फर्माईशे...

वल्लाह तेरी हसरते
वल्लाह तेरी हसरते
वल्लाह तेरी फितरते

वल्लाह.. (3)
वल्लाह.. (3)

ओह उंची सँडल वाली, ताली पे मार ताली
आ आ ओह..
ओह उंची सँडल वाली, ताली पे मार ताली
उम्माह! उम्माह!

हा गुंडो से छुडाया है...
मैने तुझे बचाया है... (2)

हा पुछ ले सामने जनता है..

इक चुम्मा इक चुम्मा..
इक चुम्मा तो बनता है..




Thursday, 7 November 2019

ज़िन्दगी मौत ना बन जाए - Zindagi Maut Na Ban Jaye Lyrics from Sarfarosh

जय हिंद दोस्तो, पेश है देशभक्ती गीत श्रेणी मैं 'ज़िन्दगी मौत ना बन जाए संभालो यारों' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९९९ मैं आयी फिल्म 'सरफ़रोश' से है. इस गीत के शब्द लिखे है इसरार अंसारी ने और गाया है सोनू निगम और रूप कुमार राठोड़ ने. 'ज़िन्दगी मौत ना बन जाए संभालो यारों' गीत को संगीतबद्ध किया है मशहूर संगीतकार जोडी जतिन-ललित ने. 'सरफ़रोश' फिल्म मैं आमिर खान और सोनाली बेंद्रे मुख्य भुमिका मैं दिखे.

इस  विस्तृत जानकारी के साथ प्रस्तुत है आपके सामने 'ज़िन्दगी मौत ना बन जाए' गीत के बोल हिंदी मैं. आनंद लें!



फिल्म / एल्बम : सरफ़रोश (1999)
संगीत दिया है: जतिन-ललित
गीत के बोल: इसरार अंसारी
गायक: सोनू निगम, रूप कुमार राठोड़

ज़िन्दगी मौत ना बन जाए
संभालो यारों...

खो रहा चैन-ओ-अमन
खो रहा चैन-ओ-अमन...

मुश्किलों में है वतन
मुश्किलों में है वतन...

सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों.. यारों..
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए
संभालो यारों...

एक तरफ प्यार है
चाहत है
वफादारी है...

एक तरफ देश में धोखा है
गद्दारी है...

बस्तियां सहमी हुई
सहमा चमन सारा है...
ग़म में क्यूं डूबा हुआ
आज सब नज़ारा है...

आग पानी की जगह
अब्र जो बरसाएंगे...
लहलाते हुए सब खेत
झुलस जायेंगे...  जायेंगे... जायेंगे...

खो रहा चैन-ओ-अमन
खो रहा चैन-ओ-अमन...

मुश्किलों में है वतन
मुश्किलों में है वतन...

चन्द सिक्कों के लिए
तुम ना करो काम बुरा...

हर बुराई का सदा
होता है अंजाम बुरा..

जुर्म वालों की कहाँ
उम्र बड़ी है यारों...
इनकी राहों में सदा
मौत खड़ी है यारों...

ज़ुल्म करने से सदा
ज़ुल्म ही हासिल होगा...

जो न सच बात कहे
वो कोई बुज़दिल होगा...

सरफरोशों ने लहू दे के जिसे सींचा है..

ऐसे गुलशन को उजड़ने से बचा लो यारोंरोंरोंरोंरोंरों...

सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों.. यारों..
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए
संभालो यारों...



ऐसा देस है मेरा - Aisa Des Hai Mera Lyrics from Veer Zaara

पाठको, देश भक्ती गीतो के श्रेणी मैं पेश है, 'ऐसा देस है मेरा' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल २००४ मैं आई फिल्म 'वीर ज़ारा' से है. गीत के बोल लिखे है, जावेद अख्तर साहब ने और इसे गाया है उदित नारायण, लता मंगेशकर, गुरुदास मान और पृथा मजुमदार ने. 'ऐसा देस है मेरा' गीत को संगीत दिया है मदन मोहनजी ने. 'वीर ज़ारा' फिल्म मै शाहरुख खान और प्रिटी झिंटा प्रमुख भुमिका मैं दिखे. यह फिल्म भारत और पाकिस्तान के दो प्रेमियों के रिश्ते पर बनायी गयी है.

इस जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'ऐसा देस है मेरा' गीत के बोल हिंदी मैं. जय हिंद!


फिल्म / एल्बम : वीर ज़ारा (2004)
संगीत दिया है: मदन मोहन
गीत के बोल: जावेद अख्तर
गायक: उदित नारायण, लता मंगेशकर,गुरुदास मान, पृथा मजुमदार

हो.. अंबर हेठा
धरती वस्दी
एथे हर रुत हस्दी
हो ओ..
किन्ना सोना
देस है मेरा (3)

किन्ना सोना
देस है मेरा (3)

धरती सुनहरी
अंबर नीला हो ओ..

धरती सुनहरी
अंबर नीला
हर मौसम रंगीला
ऐसा देस है मेरा

हो..
ऐसा देस है मेरा (3)

बोले पपिहा कोयल गाये (2)
सावन घिर के आएँ
ऐसा देस है मेरा
हो..
ऐसा देस है मेरा (3)

गेंहू के खेतों मे...
कंघी जो करे हवाएँ..
रंग बिरंगी कितनी चुनरिया
उड़ उड़ जाएँ...

पनघट पर पनहराण जब
गगरी भरने आये...
मधुर मधुर तानो मे कही बंसी कोई बजाए
लो सुन लो
क़दम क़दम पे है मिल जानी (2)
कोई प्रेम कहानी..

ऐसा देस है मेरा
हो..
ऐसा देस है मेरा (3)

ओह मेरी जुगनी दे धागे पक्के
जुगनी ओस दे मुँह तो फबे
जीनू सॅट इश्क़ दी लग्गे
ओय साई मेरेया
ओह जुगनी वीर मेरेया
जुगनी केह्न्दी आए
ओह नाम साई दा लेंधी आए
होय होय
होय होय
होय होय होय...
ओह दिल कद लिता ई
जिंद मेरिए...

बाप के कंधे चढ़ के
जहा बच्चे देखे मेले
मेले मे नट के तमाशे
कुलफी के चाट के ठेले...

कही मिलती मीठी गोली
कही चूरन की है पूडिया...
भोले भोले बचे है
 जैसे गुड्डे और गुड़िया...

और इनको रोज़ सुनाए
दादी नानी हो...
रोज़ सुनाए दादी नानी
इक परियों की कहानी...

ऐसा देस है मेरा
हो..
ऐसा देस है मेरा (3)

मेरे देस में मेहमानों को
भगवान कहा जाता है...
वो यहीं का हो जाता है
जो कहीं से भी आता है...

आss आss आss आss
तेरे देस को मैने देखा
तेरे देस को मैने जाना..
आss आss आss
तेरे देस को मैने देखा
तेरे देस को मैने जाना..

जाने क्यूँ ये लगता है
मुझको जाना पहचाना
यहा भी वही शाम है
वही सवेरा
हो...
वही शाम है
वही सवेरा
ऐसा ही देस है मेरा
जैसा देस है तेरा...
वैसा देस है तेरा
हन जैसा देस है तेरा...

ऐसा ही देस है मेरा
जैसा देस है तेरा...
वैसा देस है तेरा
हन जैसा देस है तेरा...
ऐसा देस है मेरा
हन वैसा देस है मेरा...




Wednesday, 6 November 2019

गली में आज चाँद - Gali Mein Aaj Chand Nikla Lyrics from Zakhm

दर्शको, साल १९९०-२००० के गीतो के श्रेणी मैं खूब प्यारे गीत आये है. पेश है उसी दौर के 'गली में आज चाँद निकला' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९९८ मैं आयी फिल्म 'ज़ख्म' से है. इस गीत को लिखा है आनंद बक्षी साहब ने और इसको संगीत दिया है एम. एम. क्रीम ने. 'गली में आज चाँद निकला' गीत को अपनी सुंदर आवाज से गाया है अलका याग्निक ने और यह गाना पुजा भट और नागार्जुन पर फिल्माया गया है.

इस जरुरी जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'गली में आज चाँद निकला' गीत के बोल हिंदी मैं. धन्यवाद!


फिल्म / एल्बम : ज़ख्म (1998)
संगीत दिया है: एम. एम. क्रीम
गीत के बोल: आनंद बक्षी
गायक: अलका याग्निक

तुम आये तो आया मुझे याद
गली में आज चाँद निकला

जाने कितने दिनों के बाद
गली में आज चाँद निकला (2)

गली में आज चाँद निकला (2)

तुम आये तो आया मुझे याद
गली में आज चाँद निकला

जाने कितने दिनों के बाद
गली में आज चाँद निकला (2)

तुम आये तो आया मुझे याद
गली में आज चाँद निकला

ये नैना बिन काजल तरसे
बारह महीने बादल बरसे
सुनी रब ने मेरी फ़रियाद

गली में आज चाँद निकला (3)

तुम आये तो आया मुझे याद
गली में आज चाँद निकला

आज की रात
जो मैं सो जाती
खुलती आँख
सुबह हो जाती
मैं तो हो जाती
बस बरबाद

गली में आज चाँद निकला (3)

तुम आये तो आया मुझे याद
गली में आज चाँद निकला

मैंने तुमको आते देखा
अपनी जान को जाते देखा

जाने फिर क्या हुआ नहीं याद (2)

गली में आज चाँद निकला (3)

तुम आये तो आया मुझे याद
गली में आज चाँद निकला..




गीत गाता चल - Geet Gata Chal Lyrics from Geet Gata Chal

पाठको, प्रस्तुत है आपके सामने 'गीत गाता चल ओ साथी गुनगुनाता चल' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९७५ मैं आयी फिल्म 'गीत गाता चल' से है. 'गीत गाता चल ओ साथी गुनगुनाता चल' गीत को लिखा और संगीत से सजाया है रविंद्र जैन ने. इस गीत को जसपाल सिंग की जादुई आवाज ने अजरामर कर दिया है. यह गीत सचिन पिळगावकर पर चित्रित हुआ है.

इस विस्तृत जानकारी के साथ पेश है, 'गीत गाता चल ओ साथी गुनगुनाता चल' गीत के बोल हिंदी मैं. आनंद लें!



फिल्म / एल्बम : गीत गाता चल (1975)
संगीत दिया है: रविंद्र जैन
गीत के बोल: रविंद्र जैन
गायक: जसपाल सिंग

गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल (2)

ओ..  बंधु रे...

हसते हसाते बीते हर घड़ी, हर पल
गीत गाता चल ओ साथी गुनगुनाता चल

ओ .. साथी..  गीत गाता चल
ओ.. साथी..  गुनगुनाता चल

खुला खुला गगन ये हरी भरी धरती
जितना भी देखु तबियत नहीं भरती

सुन्दर से सुन्दर हर इक रचना
फूल कहे काँटों से भी सीखो हँसना
ओ राही सीखो हँसना..
ओ राही रे...
कुम्हला न जाए कही मन तेरा कोमल

गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल
ओ साथी गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल

चांदी सा चमकता ये नदिया का पानी रे...
पानी की हर इक बूंद देति ज़िंदगानी
ओ..
अम्बर से बरसे ज़मीं पे गिरे
नीर के बिना हो भैया काम ना चले
ओ भैया काम ना चले..
ओ मेघा रे...
जल जो न होता तो ये जग जाता जल

गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल
ओ साथी गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल

कहाँ से तू आया और कहा तुझे जाना है
खुश है वही जो इस बात से बेगाना है

चल चल चलति हवाए करे शोर
उड़ते पखेरू खींचे मनवा की डोर
ओ खींचे मनवा की डोर
ओ पंछी रे...

पछियो के पंख लेके हो जा तू ओझल

गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल
ओ साथी गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल

गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल
गीत गाता चल
ओ साथी गुनगुनाता चल



चक दे इंडिया - Chak De India Lyrics from Chak De! India

पाठको/दर्शको, देशभक्ती गीतो की  श्रेणी मैं पेश है, 'चक दे इंडिया' शीर्षक गीत के बोल हिंदी मैं. 'चक दे इंडिया' फिल्म साल  २००७ मैं प्रदर्शित हुई थी. इस 'चक दे हो चक दे इंडिया' गीत के बोल लिखे है जयदीप साहनी ने और इसे गाया है सुखविंदर सिंह, सलीम मर्चेंट ने. इस गीत को संगीतबद्ध किया है संगीतकार जोडी सलीम-सुलेमान ने. 'चक दे इंडिया' फिल्म मैं शाहरुख खान प्रमुख भूमिका मैं दिखे.

इस जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'चक दे हो चक दे इंडिया' गीत के बोल हिंदी मैं. जय हिंद!


फिल्म / एल्बम : चक दे इंडिया (2007)
संगीत दिया है: सलीम-सुलेमान
गीत के बोल: जयदीप साहनी
गायक: सुखविंदर सिंह, सलीम मर्चेंट

कुछ करिए...
कुछ करिए...
नस नस मेरी खोले
हाय
कुछ करिए..

कुछ करिए...
कुछ करिए...
बस बस बड़ा बोले
अब कुछ करिए...

हो ...
कोई तो चल ज़िद्द फड़िए
तू बिदरिये या मरिये...

चक दे..
हो..
चक दे इंडिया... (2)

कुचों में गलियों में
राशन की फलियों में
बैलों में बीजों में
ईदों में तीजों में

रेतों के दानों में
फिल्मों के गानों में
सड़को के गड्ढों में
बातों के अड्डों में

हुंकारा आज भर ले
दस बारह बार कर ले..

रहना ना यार पीछे
कितना भी कोई खींचे..

टस है ना मस है जी
ज़िद है तो ज़िद है जी..

किसना यूँ ही
पिसना यूँ ही..

पिसना यूँ ही...
बस करिए...

कोई तो चल ज़िद्द फड़िए...
चक दे..
हो..
चक दे इंडिया...

लड़ती पतंगों में
भिड़ती उमँगों में..

खेलों के मेलों में
बलखाती रेलों में...

गन्नों के मीठे में
खद्दर में
झींटें में..

ढूँढो तो मिल जावे
पत्ता वो ईंटों में..

रंग ऐसा आज निखरे
और खुलके आज बिखरे..

मन जाए ऐसी होली...
रग-रग में दिल के बोली...

टस है ना मस है जी...
ज़िद है तो ज़िद है जी...

किसना यूँ ही
पिसना यूँ ही..

पिसना यूँ ही...
बस करिए...

कोई तो चल ज़िद्द फड़िए...

चक दे..
हो..
चक दे इंडिया... (2)



Tuesday, 5 November 2019

चप्पा चप्पा चरखा चले - Chappa Chappa Charkha Chale Lyrics from Maachis

पाठको, पेश है आपके सामने 'चप्पा चप्पा चरखा चले' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९९६ मैं आयी चंद्रचूड सिंग की फिल्म 'माचिस' से है. 'चप्पा चप्पा चरखा चले' गीत के शब्द लिखे है सम्पूर्ण सिंह गुलज़ार ने और इसे गाया है सुरेश वाडेकर, हरिहरनजी ने. इस गीत को संगीत से सजाया है विशाल भरद्वाज ने. 'चप्पा चप्पा चरखा चले' गीत उस साल बहुत प्रसिद्ध हुआ और सुरेश वाडेकर, हरिहरन के आवाज से बहुत सरहाया गया.

इस संक्षिप्त जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'चप्पा चप्पा चरखा चले' गीत के बोल हिंदी मैं.



फिल्म / एल्बम : माचिस (1996)
संगीत दिया है:  विशाल भारतद्वाज
गीत के बोल: सम्पूर्ण सिंह गुलज़ार
गायक: सुरेश वाडेकर, हरिहरन

चप्पा चप्पा चरखा चले...
औनी बौनी
आरियाँ तेरी
बौनी बौनी बेरियों तले...

यारा वे...
यारा वे...
यारा वे...
आ.. आ..
औनिया परदेसिया...

चप्पा चप्पा चरखा चले...
औनी बौनी
आरियाँ तेरी
बौनी बौनी बेरियों तले...

गोरी चटकोरी
जो कटोरी से खिलाती थी

जुम्मे के जुम्मे
जो सुरमे लगाती थी

कच्ची मूंडेर के तले

चप्पा चप्पा चरखा चले...
औनी बौनी
आरियाँ तेरी
बौनी बौनी बेरियों तले...

अरे.. झूठी मूठी मोइने..
हाय.. हाय..  मोइने..
झूठी मूठी मोइने रसोई में पुकारा था..
लोहे के चिमटे से
लिपटे को मारा था..

ओये.. बीबा तेरा चूल्हा जले..

चप्पा चप्पा चरखा चले...
औनी बौनी
आरियाँ तेरी
बौनी बौनी बेरियों तले...

चुन्नी लेके सोती थी कमाल लगती थी
बीबा... बीबा वे हाय...

चुन्नी लेके सोती थी कमाल लगती थी
पानी में जलता चराग लगती थी

बीबा तेरी याद न टले..

चप्पा चप्पा चरखा चले
गोरियों के पैरों तले..
पीली पीली मेहँदी जले..

चप्पा चप्पा चरखा चले...
औनी बौनी
आरियाँ तेरी
बौनी बौनी बेरियों तले...



क्यूँ मैं जागूँ - Kyun Main Jaagoon Lyrics from Patiala House

प्यारे दर्शको, कुछ गीत ऐसे होते है की दिल को छू जाते है, ऐसा ही एक गीत आपके लिये पेश है. गीत के बोल है 'क्यूँ मैं जागूँ'. यह गीत साल २०११ मैं आयी फिल्म 'पटियाला हाउस' से है. 'क्यूँ मैं जागूँ' गीत लिखा है अनविता दत्त गुप्तन ने और इसे संगीत दिया है शंकर-एहसान-लॉय ने. इस गीत को आवाज दी है शफ़क़त अमानत अली खान ने. इस 'पटियाला हाउस' फिल्म मैं अक्षय कुमार और ऋषी कपूर प्रमुख भूमिका मैं  दिखे.

इस जरुरी जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'क्यूँ मैं जागूँ गीत के बोल हिंदी मैं. धन्यवाद!



फिल्म / एल्बम : पटियाला हाउस (2011) 
संगीत दिया है: शंकर-एहसान-लॉय
गीत के बोल: अनविता दत्त गुप्तन
गायक: शफ़क़त अमानत अली खान

मुझे यूँ ही कर के..
ख्वाबों से जुदा....
जाने कहाँ छुप के..
बैठा है खुदा...

जानूँ ना मैं कब हुआ..
ख़ुद से गुमशुदा...
कैसे जियूँ..
रूह भी मुझसे है जुदा...

क्यूँ  मेरी राहें...
मुझसे पूछे घर कहाँ है..

क्यूँ  मुझसे आ के..
दस्तक पूछे दर कहाँ है...

राहें ऐसी जिनकी मंज़िल ही नहीं
दूँढो मुझे अब मैं रहता हूँ वहीं..

दिल है कहीं
और धड़कन है कहीं...
साँसें हैं
मगर क्यूँ ज़िन्दा मैं नहीं...

रेत बनी हाथों से
यूँ बह गयी..
तकदीर मेरी बिखरी
हर जगह
कैसे लिखूँ फिर से
नयी दास्ताँ

ग़म की सियाही
दिखती हैं कहाँ..
आहें जो चुनी हैं मेरी
थी रज़ा...

रहता हूँ क्यूँ फिर
खुद से ही खफ़ा...

ऐसे भी हुई थी मुझसे क्या ख़ता..
तूने जो मुझे दी जीने की सज़ा..

बन्दे तेरे माथे पे
हैं जो खिंचे
बस चंद लकीरों जितना
है जहां
आँसू मेरे मुझको
मिटा कह रहे
रब का हुकुम ना
मिटता है यहाँ

राहें ऐसी जिनकी मंज़िल ही नहीं
दूँढो मुझे अब मैं रहता हूँ वहीं..

दिल है कहीं
और धड़कन है कहीं...
साँसें हैं
मगर क्यूँ ज़िन्दा मैं नहीं...

क्यूँ मैं जागूँ..
और वो सपने बो रहा है..

क्यूँ मेरा रब यूँ
आँखें खोले सो रहा है

क्यूँ मैं जागूँ..