भाईयों, देशभक्ती गीत श्रेणी मैं प्रस्तुत है, 'हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के' गीत के बोल हिंदी में. यह गीत १९५४ में आयी फिल्म 'जागृति' से है, गीत के शब्द लिखे हैं प्रदीप ने. 'हम लाए हैं तूफ़ान से' गीत को गाया है मो.रफ़ी साहब ने और इस गीत को संगीत दिया है हेमंत कुमारजी ने. यह गीत प्रदर्शित हो कर ५० साल से भी ज्यादा वक्त हो गया है मगर अभी भी यह गीत प्रेरणा देता हैं.
इस संक्षिप्त जानकारी के साथ पेश है, 'हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के' गीत के बोल हिंदी में. जय हिंद!
इस संक्षिप्त जानकारी के साथ पेश है, 'हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के' गीत के बोल हिंदी में. जय हिंद!
फिल्म / एल्बम : जागृति (1954)
संगीत दिया है: हेमंत कुमार
गीत के बोल: प्रदीप
गायक: मुहम्मद रफ़ी
पासे सभी उलट गए दुशमन कि चाल के
अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के
मंजिल पे आया मुल्क हर बला को टाल के
सदियों के बाद फिर उड़े बादल गुलाल के
हम लाए हैं तूफान से
कश्ती निकाल के
इस देश को रखना
मेरे बच्चो संभाल के (2)
तुम ही भविष्य हो मेरे
भारत विशाल के
इस देश को रखना
मेरे बच्चो संभाल के
देखो कहीं बरबाद न होए ये बगीचा
इसको हृदय के खून से बापू ने है सींचा
रक्खा है ये चिराग शहीदों ने बाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
दुनियां के दांव पेंच से रखना न वास्ता
मंजिल तुम्हारी दूर है
लंबा है रास्ता
भटका न दे कोई तुम्हें
धोके में डाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
एटम बमों के जोर पे
ऐंठी है ये दुनियां
बारूद के इक ढेर पे
बैठी है ये दुनियां
तुम हर कदम उठाना
जरा देखभाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
आराम की तुम भूल भुलय्या में न भूलो
सपनों के हिंडोलों पे मगन हो के न झूलो
अब वक्त आ गया मेरे हंसते हुए फूलो
उठो छलांग मार के
आकाश को छू लो
तुम गाड़ दो गगन में
तिरंगा उछाल के
इस देश को रखना मेरे बच्चो संभाल के
हम लाए हैं तूफान से
कश्ती निकाल के
इस देश को रखना
मेरे बच्चो संभाल के














