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Monday, 25 November 2019

मेरे नैना सावन भादो - Mere Naina Sawan Bhado Lyrics from Mehbooba

पाठको, प्रस्तुत है 'मेरे नैना सावन भादो फिर भी मेरा मन प्यासा' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९७६ मैं आयी फिल्म 'महबूबा' से है. इस गीत के बोल लिखे है आनंद बक्षी साहब ने और इसे संगीतबद्ध किया है आर.डी.बर्मन ने. 'मेरे नैना सावन भादो' गीत 'शिवरंजनी' राग पर आधारित है और यह गीत इस फिल्म मैं लता मंगेशकर, किशोर कुमार इन दोनो गायकों द्वारा गाया गया. किशोरदा की आवाज वाला 'मेरे नैना सावन भादो' गीत लता के गीत से अधिक लोकप्रिय हुआ. 'महबूबा' फिल्म मैं राजेश खन्ना और हेमा मालिनी प्रमुख भूमिका मै थे. 

इस संक्षिप्त जानकारी के साथ पेश है, 'मेरे नैना सावन भादो' गीत के बोल हिंदी मैं. धन्यवाद!




फिल्म / एल्बम : महबूबा (1976)
संगीत दिया है: आर.डी.बर्मन
गीत के बोल: आनंद बक्षी
गायक: लता मंगेशकर, किशोर कुमार

मेरे नैना सावन भादो..

फिर भी मेरा मन प्यासा.. (2)

मेरे नैना सावन भादो..

फिर भी मेरा मन प्यासा.. (2)

ऐ दिल दीवाने खेल है क्या जाने
दर्द भरा ये गीत कहाँ से इन होठों पे आए
दूर कहीं ले जाए
भूल गया क्या भूल के भी है
मुझको याद जरा सा...

फिर भी मेरा मन प्यासा

बात पुरानी है एक कहानी है
अब सोचूं तुम्हें याद नहीं है अब सोचू नहीं भूले
वो सावन के झूले
रुत आए रुत जाए देकर झूठा एक दिलासा

फिर भी मेरा मन प्यासा

बरसों बीत गए हमको मिले बिछड़े
बिजुरी बनकर गगन पे चमकी बीते समय की रेखा
मैंने तुमको देखा
मन संग आँख मिचौली खेले आशा और निराशा..

फिर भी मेरा मन प्यासा..

घुँघरू की छमछम बन गयी दिल का गम
डूब गया दिल यादों में उभरी बेरंग लकीरें
देखो ये तस्वीरें
सूने महल में नाच रही है अब तक इक रक्कासा

फिर भी मेरा मन प्यासा..

मेरे नैना सावन भादो..

फिर भी मेरा मन प्यासा.. (3)




Wednesday, 20 November 2019

शोर मच गया शोर - Shor Mach Gaya Shor Lyrics from Badla

पाठको, दहिहांडी अथवा कृष्ण जन्माष्टमी मैं हमेशा पसंद किये जाने वाले गीतो मैं से एक गीत 'शोर मच गया शोर' के बोल आपके लिये हिंदी मैं प्रस्तुत कर रहे है. यह गीत साल १९७४ मैं आयी फिल्म 'बदला' से है. इस गीत को लिखा है आनंद बक्षी साहब ने और इसे अपने आवाज मैं गाया है किशोर कुमारजी  ने. 'शोर मच गया शोर' गीत को संगीत दिया है, मशहूर संगीतकार जोडी लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी ने. यह गीत अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा पर चित्रित हुआ है और उनके खास अंदाज से बहुत प्रसिद्ध भी हुआ.

इस विशेष जानकारी के साथ पेश है, 'शोर मच गया शोर' गीत के बोल हिंदी मैं. जय श्रीकृष्ण!




फिल्म / एल्बम : बदला (1974)
संगीत दिया है: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीत के बोल: आनंद बक्षी
गायक: किशोर कुमार

एक दो तीन चार...
राजू दादा के चेले होशियार..(2)

शोर मच गया शोर...
हो देखो
आया माखन चोर...

गोकुल की गलियों की ओर
चला निकला माखन चोर...
नंदकिशोर...

शोर मच गया शोर...
हो देखो
आया माखन चोर...

देखी जो ग्वालों की टोली
टोली...
कोई गुजरिया बोली
बोली...
किसकी बारात है ये
किसकी है डोली..
डोली डोली...
जमुना के तट की ओर चला निकला
ओ चला चला चला...
चला निकला माखन चोर
नंदकिशोर...

शोर मच गया शोर...
हो देखो
आया माखन चोर...

ग्वालन के पीछे दौड़े
दौड़े..
कंकर से मटकी फोड़े
फोड़े..
मारे यशोदा माँ
चोरी ना छोड़े
छोड़े-न छोड़े...
देखे नजर की डोर...
चला निकला माखन चोर
नंदकिशोर...

शोर मच गया शोर...
हो देखो
आया माखन चोर...

एक के ऊपर एक
एक..
देख तमाशा देख
देख..
तोड़ मटकी तोड़
और ऊँचा
और और...

एक दो तीन चार
राजू बड़ा होशियार
होशियार... (2)

होशियार...

गिर न जाना मेरे यार..
एक के ऊपर एक...

शोर मच गया शोर...
हो देखो
आया माखन चोर...






मच गया शोर - Mach Gaya Shor Lyrics from Khuddaar

दर्शको, हर कृष्ण जन्माष्टमी पर कुछ गीत हमेशा पसंद किये जाते है. यही कारण हैं की, हम प्रस्तुत कर रहे है 'मच गया शोर सारी नगरी रे' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९८२ मैं आयी फिल्म 'खुद्दार' सें है. 'मच गया शोर' गीत के बोल लिखे है मजरूह सुल्तानपुरीजी ने और इसे गाया है महान गायक किशोर कुमार, लता मंगेशकर ने. इस गीत को संगीतबद्ध किया है राजेश रोशन साहब ने और यह गीत महानायक  अमिताभ बच्चनजी पर फिल्माया गया है.

इस जानकारी के साथ पेश है, 'मच गया शोर सारी नगरी रे' गीत के बोल हिंदी मैं. राधे राधे!



फिल्म / एल्बम : खुद्दार (1982)
संगीत दिया है: राजेश रोशन
गीत के बोल: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे...
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

देखो अरे देखो कहीं ऐसा न हो जाए
चोरी करे माखन तेरा जिया भी चुराए (2)

अरे धमकाता है इतना तू किसको

डरता है कौन आने दे उसको (2)

ऐसे न बहुत बोलो
मत ठुमक-ठुमक डोलो
चिल्लाओगी तब गोरी
जब उलट देगा तोरी
गगरी आ के पीछे  डगरी रे

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

जाने क्या करता अगर होता कहीं गोरा
जा के जमुना में ज़रा शक्ल देखे छोरा (2)

बिंदिया चमकाती रस्ते में न जा

मनचला भी है गोकुल का राजा (2)

पड़ जाये नहीं पाला
राधा से कहीं लाला
फिर रोयेगा गोविंदा
मारेगी ऐसा फंदा
गर्दन से बंधेगी ऐसी चुनरी रे..

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे... (2)

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...





Sunday, 3 November 2019

मेरे सामने वाली खिड़की में - Mere Samne Wali Khidki Mein Lyrics from Padosan

दोस्तो, किशोर कुमार नाम याद आये और 'मेरे सामने वाली खिड़की में' गीत याद ना आये ऐसा मुमकिन ही नहीं. प्रस्तुत है इस बार, 'मेरे सामने वाली खिड़की में' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९६८ मैं आयी फिल्म 'पड़ोसन' से है. गीत के बोल लिखे है राजिंदर कृषण ने और इसे गाया है किशोर कुमारजी ने. 'मेरे सामने वाली खिड़की में' गीत को संगीत दिया है आर.डी.बर्मन साहब ने और यह गीत किशोर कुमार और सुनील दत्त साहब पर चित्रित हुआ है.

इस जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'मेरे सामने वाली खिड़की में' गीत के बोल हिंदी मैं.



फिल्म / एल्बम : पड़ोसन (1968)
संगीत दिया है: आर.डी.बर्मन
गीत के बोल: राजिंदर कृषण
गायक: किशोर कुमार

अरे हे...

ला.. ला..
ला.. ला..
ला.. ला..
ला.. ला..
ला.. ला..

हे.. हे..

मेरे सामने वाली खिड़की में
एक चाँद का टुकड़ा रहता है (2)

अफसोस ये है कि वो हम से
कुछ उखड़ा उखड़ा रहता है

मेरे सामने वाली खिड़की में
एक चाँद का टुकड़ा रहता है

जिस रोज़ से देखा है उस को
हम शमा जलाना भूल गए

दिल थाम के ऐसे बैठे हैं
कहीं आना जाना भूल गए

अब आठ पहर इन आँखों में
वो चंचल मुखड़ा रहता है

मेरे सामने वाली खिड़की में
एक चाँद का टुकड़ा रहता है

बरसात भी आकर चली गयी
बादल भी गरज कर बरस गए (2)

पर उस की एक झलक को हम
ऐ हुस्न के मालिक तरस गए

कब प्यास बुझेगी आँखों की
दिनरात ये दुखडा रहता है

मेरे सामने वाली खिड़की में
एक चाँद का टुकड़ा रहता है

अफसोस ये है कि वो हम से
कुछ उखड़ा उखड़ा रहता है

मेरे सामने वाली खिड़की में
एक चाँद का टुकड़ा रहता है




Friday, 25 October 2019

रुक जाना नहीं - Ruk Jana Nahi Lyrics from Imtihan

पाठको, पेश है १९७४ मैं आयी फिल्म 'इम्तिहान' से 'रुक जाना नहीं तू कहीं हार के' गीत के बोल हिंदी मे. इस गीत के बोल लिखे है मजरूह सुल्तानपुरीजी ने और इसे संगीत से सजाया है मशहूर जोडी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने. 'रुक जाना नहीं' गीत को गाया है प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार ने और यह गीत अभिनेता विनोद खन्ना पर चित्रित हुआ है.

प्रस्तुत है इस जानकारी के साथ 'रुक जाना नहीं तू कहीं हार के' गीत के बोल हिंदी मे. धन्यवाद!


फिल्म / एल्बम : इम्तिहान (1974)
संगीत दिया है: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीत के बोल: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक: किशोर कुमार

रुक जाना नहीं तू कहीं हार के
काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के
ओ राही, ओ राही (2)

नैन आंसू जो लिये हैं
ये राहों के दिये हैं (2)

लोगों को उनका सब कुछ देके
तू तो चला था सपने ही लेके
कोई नहीं तो तेरे अपने हैं सपने ये प्यार के

सूरज देख रुक गया हैं
तेरे आगे झुक गया हैं (2)

जब कभी ऐसे कोई मस्ताना
निकले हैं अपनी धून में दीवाना
शाम सुहानी बन जाते हैं दिन इंतजार के

ओ राही ओ राही (2)

रुक जाना नहीं तू कहीं हार के
काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के

ओ राही ओ राही (2)

साथी ना कारवाँ हैं
ये तेरा इम्तिहान हैं
यूं ही चला चल दिल के सहारे
करती हैं मंजिल तुझ को इशारे
देख कही कोई रोक नहीं ले
तूझ को पुकार के..

रुक जाना नहीं तू कहीं हार के
काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के

ओ राही ओ राही (2)

नैन आंसू जो लिये हैं
ये राहों के दिये हैं (2)

लोगों को उनका सब कुछ देके
तू तो चला था सपने ही लेके
कोई नहीं तो तेरे अपने हैं सपने ये प्यार के

ओ राही ओ राही (2)

रुक जाना नहीं तू कहीं हार के
काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के

ओ राही ओ राही (2)