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Wednesday, 20 November 2019

मच गया शोर - Mach Gaya Shor Lyrics from Khuddaar

दर्शको, हर कृष्ण जन्माष्टमी पर कुछ गीत हमेशा पसंद किये जाते है. यही कारण हैं की, हम प्रस्तुत कर रहे है 'मच गया शोर सारी नगरी रे' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९८२ मैं आयी फिल्म 'खुद्दार' सें है. 'मच गया शोर' गीत के बोल लिखे है मजरूह सुल्तानपुरीजी ने और इसे गाया है महान गायक किशोर कुमार, लता मंगेशकर ने. इस गीत को संगीतबद्ध किया है राजेश रोशन साहब ने और यह गीत महानायक  अमिताभ बच्चनजी पर फिल्माया गया है.

इस जानकारी के साथ पेश है, 'मच गया शोर सारी नगरी रे' गीत के बोल हिंदी मैं. राधे राधे!



फिल्म / एल्बम : खुद्दार (1982)
संगीत दिया है: राजेश रोशन
गीत के बोल: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे...
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

देखो अरे देखो कहीं ऐसा न हो जाए
चोरी करे माखन तेरा जिया भी चुराए (2)

अरे धमकाता है इतना तू किसको

डरता है कौन आने दे उसको (2)

ऐसे न बहुत बोलो
मत ठुमक-ठुमक डोलो
चिल्लाओगी तब गोरी
जब उलट देगा तोरी
गगरी आ के पीछे  डगरी रे

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...

जाने क्या करता अगर होता कहीं गोरा
जा के जमुना में ज़रा शक्ल देखे छोरा (2)

बिंदिया चमकाती रस्ते में न जा

मनचला भी है गोकुल का राजा (2)

पड़ जाये नहीं पाला
राधा से कहीं लाला
फिर रोयेगा गोविंदा
मारेगी ऐसा फंदा
गर्दन से बंधेगी ऐसी चुनरी रे..

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे... (2)

अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...





Sunday, 3 November 2019

ये बंधन तो प्यार का - Ye Bandhan To Pyar Ka Bandhan Hai Lyrics from Karan Arjun

प्यारे पाठको, इस बार ले के आये है, 'ये बंधन तो प्यार का बंधन है' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९९५ मैं आयी फिल्म 'करण अर्जुन' से है. गीत के बोल लिखे है इन्दीवरजी ने और इस गीत को गाया है उदित नारायण, कुमार सानू और अलका याग्निक ने. 'ये बंधन तो प्यार का बंधन है' गीत को संगीत दिया है राजेश रोशनजी ने और यह गीत सलमान खान, शाहरुख खान और राखीजी पर चित्रित हुआ है.

पेश है इस विस्तृत जानकारी के साथ फिल्म 'करण अर्जुन' से 'ये बंधन तो प्यार का बंधन है' गीत के बोल हिंदी मैं. धन्यवाद!




फिल्म / एल्बम : करण अर्जुन (1995) 
संगीत दिया है: राजेश रोशन
गीत के बोल: इन्दीवर
गायक: उदित नारायण, कुमार सानू, अलका याग्निक

सूरज कब दूर गगन से
चंदा कब दूर किरण से
खुशबू कब दूर पवन से
कब दूर बहार चमन से

ये बंधन तो...
प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है...

तुम्हीं मेरे जीवन हो
तुम्हें देख-देख जी लूंगी...
मैं तो तुम्हारे खातिर दुनिया का ज़हर पी लूंगी....

तेरे पावन चरणों में
आकाश झुका देंगे हम
तेरी राह मे जो शोले हों
तो खुद को बिछा देंगे हम

ये बंधन तो...
प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है...

ममता के मंदिर की है
तू सबसे प्यारी मूरत
भगवान नज़र आता है
जब देखें तेरी सूरत

जब-जब दुनिया में आएँ
तेरा ही आंचल पाए...

जन्मों की दीवारो पर
हम प्यार अपना लिख जाए

ये बंधन तो...
प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है...

हो इन्सान मारा करते हैं
विश्वास नहीं मरता है...

नामुमकिन को भी मुमकिन
विश्वास किया करता है...
सपने सच हो जाते हैं
हर दुआ काम आती है...
विश्वास की डोर है ऐसी
अपनों को खीच लाती है...

ये बंधन तो...
प्यार का बंधन है
जन्मों का संगम है...



Thursday, 31 October 2019

घर से निकलते ही - Ghar Se Nikalte Hi Lyrics from Papa Kahte Hain

दर्शको, इस बार पेश है 'घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९९६ मे आयी फिल्म 'पापा कहते हैं' से है. 'घर से निकलते ही' गीत के बोल लिखे है जावेद अख्तर साहब ने और इसे गाया है उदित नारायण और अलका याग्निक ने अपने सुरीली आवाज मैं. इस गीत को संगीत दिया है राजेश रोशनजी ने. यह गीत मयुरी कांगो और जुगल हंसराज पर चित्रित हुआ है.

इस जरुरी जानकारी के साथ प्रस्तुत है, 'घर से निकलते ही' गीत के बोल हिंदी मैं. आनंद लें!



फिल्म / एल्बम : पापा कहते हैं (1996)
संगीत दिया है: राजेश रोशन
गीत के बोल: जावेद अख्तर
गायक: उदित नारायण, अलका याग्निक

घर से निकलते ही...
कुछ दूर चलते ही...
रस्ते में है उसका घर
कल सुबह देखा तो
बाल बनाती वो..
खिड़की में आई नज़र

मासूम चेहरा
नीची निगाहें
भोली सी लड़की
भोली अदायें
ना अप्सरा है
ना वो परी है
लेकिन यह उसकी
जादूगरी है..

दीवाना कर दे वो
इक रंग भर दे वो
शर्मा के देखे जिधर..

घर से निकलते ही...
कुछ दूर चलते ही...
रस्ते में है उसका घर

करता हूँ उसके घर के मैं फेरे
हँसने लगे हैं अब दोस्त मेरे
सच कह रहा हू
उसकी कसम है
मैं फिर भी खुश  हू
बस एक ग़म है

जिसे प्यार करता हू
मैं जिस पे मरता  हू
उसको नहीं है खबर...

घर से निकलते ही...
कुछ दूर चलते ही...
रस्ते में है उसका घर

लड़की है जैसे
कोई पहेली
कल जो मिली मुझको उसकी सहेली
मैंने कहा उसको
जा के ये कहना
अच्छा नहीं है
यु  दूर रहना

कल शाम निकले वो
घर से टहलने को
मिलना जो चाहे अगर..

घर से निकलते ही...
कुछ दूर चलते ही...
रस्ते में है उसका घर