दर्शको, हर कृष्ण जन्माष्टमी पर कुछ गीत हमेशा पसंद किये जाते है. यही कारण हैं की, हम प्रस्तुत कर रहे है 'मच गया शोर सारी नगरी रे' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९८२ मैं आयी फिल्म 'खुद्दार' सें है. 'मच गया शोर' गीत के बोल लिखे है मजरूह सुल्तानपुरीजी ने और इसे गाया है महान गायक किशोर कुमार, लता मंगेशकर ने. इस गीत को संगीतबद्ध किया है राजेश रोशन साहब ने और यह गीत महानायक अमिताभ बच्चनजी पर फिल्माया गया है.
इस जानकारी के साथ पेश है, 'मच गया शोर सारी नगरी रे' गीत के बोल हिंदी मैं. राधे राधे!
इस जानकारी के साथ पेश है, 'मच गया शोर सारी नगरी रे' गीत के बोल हिंदी मैं. राधे राधे!
फिल्म / एल्बम : खुद्दार (1982)
संगीत दिया है: राजेश रोशन
गीत के बोल: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक: किशोर कुमार, लता मंगेशकर
मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे...
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
देखो अरे देखो कहीं ऐसा न हो जाए
चोरी करे माखन तेरा जिया भी चुराए (2)
अरे धमकाता है इतना तू किसको
डरता है कौन आने दे उसको (2)
ऐसे न बहुत बोलो
मत ठुमक-ठुमक डोलो
चिल्लाओगी तब गोरी
जब उलट देगा तोरी
गगरी आ के पीछे डगरी रे
अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
जाने क्या करता अगर होता कहीं गोरा
जा के जमुना में ज़रा शक्ल देखे छोरा (2)
बिंदिया चमकाती रस्ते में न जा
मनचला भी है गोकुल का राजा (2)
पड़ जाये नहीं पाला
राधा से कहीं लाला
फिर रोयेगा गोविंदा
मारेगी ऐसा फंदा
गर्दन से बंधेगी ऐसी चुनरी रे..
अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...
ओ ... आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे... (2)
अरे मच गया शोर सारी नगरी रे..
सारी नगरी रे..
आया बिरज का बाँका
संभाल तेरी गगरी रे...


