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Saturday, 26 October 2019

है प्रीत जहाँ की रीत सदा - Hai Preet Jahan Ki Lyrics from Purab Aur Paschim

दर्शको, देशभक्ती गीतो के श्रेणी मैं प्रस्तुत है, 'है प्रीत जहाँ की रीत सदा' गीत के बोल हिंदी में. यह गीत १९७० मैं आयी फिल्म 'पूरब और पश्चिम' से है. इस गीत को लिखा है इन्दीवरजी ने और संगीतबद्ध किया है कल्याणजी-आनंदजी ने. 'है प्रीत जहाँ की रीत सदा' गीत को गाया है महेंद्र कपूर ने और यह गीत मनोज कुमारजी पर चित्रित हुआ है.

इस जानकारी के साथ पेश है, 'है प्रीत जहाँ की रीत सदा' गीत के बोल हिंदी में. जय हिंद!


फिल्म / एल्बम : पूरब और पश्चिम (1970)
संगीत दिया है: कल्याणजी-आनंदजी
गीत के बोल: इन्दीवर
गायक: महेंद्र कपूर

जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने
भारत ने
मेरे भारत ने
दुनिया को तब गिनती आयी

तारों की भाषा भारत ने
दुनिया को पहले सिखलायी
देता ना दशमलव भारत तो
यूँ चाँद पे जाना मुश्किल था
धरती और चाँद की दूरी का
अंदाज़ा लगाना मुश्किल था
सभ्यता जहाँ पहले आयी
पहले जनमी है जहाँ पे कला

अपना भारत वो भारत है
जिसके पीछे संसार चला
संसार चला और आगे बढ़ा
यूँ आगे बढ़ा
बढ़ता ही गया
भगवान करे ये और बढ़े
बढ़ता ही रहे और फूले-फले

है प्रीत जहाँ की रीत सदा
मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ

है प्रीत जहाँ की रीत सदा...

काले-गोरे का भेद नहीं
हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और न आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी सारी दुनिया
मैं बात वो ही दोहराता हूँ

भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ..

जीते हो किसी ने देश तो क्या
हमने तो दिलों को जीता है
जहाँ राम अभी तक है नर में
नारी में अभी तक सीता है
इतने पावन हैं लोग जहाँ
मैं नित-नित शीश झुकाता हूँ

भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ...

इतनी ममता नदियों को भी
जहाँ माता कह के बुलाते हैं
इतना आदर इन्सान तो क्या
पत्थर भी पूजे जाते हैं
इस धरती पे मैंने जनम लिया
ये सोच के मैं इतराता हूँ

भारत का रहने वाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ...