Contact myblogs19@gmail.com for any Business/Affiliate Enquiries
Showing posts with label Jaidev. Show all posts
Showing posts with label Jaidev. Show all posts

Sunday, 17 November 2019

मैं ज़िन्दगी का साथ - Main Zindagi Ka Saath Lyrics from Hum Dono

प्यारे दर्शको, प्रस्तुत है आपके सामने, 'मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया' गीत के बोल हिंदी मैं. यह गीत साल १९६१ मैं आयी फिल्म 'हम दोनों' से है. इस गीत के शब्द लिखे है साहिर लुधियानवी साहब ने और इसे गाया है महान गायक मो.रफ़ी ने. 'मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया' गीत को संगीतबद्ध  किया है संगीतकार जयदेव ने. यह गीत देव आनंद साहब पर चित्रित हुआ था और उनका मस्त-मौला अंदाज इस गीत मैं साफ दिखाई देता है.

इस जानकारी के साथ पेश है, 'मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया' गीत के बोल हिंदी मैं. आनंद ले!


फिल्म / एल्बम : हम दोनों (1961)
संगीत दिया है: जयदेव
गीत के बोल: साहिर लुधियानवी
गायक: मो.रफ़ी

मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया

हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया... (2)

बरबादियों का सोग मनाना फ़जूल था (2)

मनाना फ़जूल था...
मनाना फ़जूल था...

बरबादियों का जश्न मनाता चला गया (2)

हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया...

जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया (2)

मुकद्दर समझ लिया...
मुकद्दर समझ लिया...

जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया (2)

हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया...

ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ (2)

न महसूस हो जहाँ...
न महसूस हो जहाँ...

मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया (2)

मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया...