हमारे पाठको के लिये प्रस्तुत है, १९६९ मे आयी फिल्म 'दो रास्ते' से 'छुप गये सारे नज़ारे ओ ये क्या बात हो गयी' गीत के बोल. यह गाना राजेश खन्ना और मुमताज पर चित्रित हुआ है. 'छुप गये सारे नज़ारे' गीत को लिखा है आनंद बक्षीजी ने और इसे गाया है मो.रफ़ी के साथ लता मंगेशकर दीदी ने. इस गीत को संगीतबद्ध किया है मशहूर जोडी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने.
इस विस्तृत जानकारी के साथ पेश है, 'छुप गये सारे नज़ारे' गीत के बोल हिंदी मैं. आनंद ले!
फिल्म / एल्बम : दो रास्ते (1969)
इस विस्तृत जानकारी के साथ पेश है, 'छुप गये सारे नज़ारे' गीत के बोल हिंदी मैं. आनंद ले!
फिल्म / एल्बम : दो रास्ते (1969)
संगीत दिया है: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
गीत के बोल: आनंद बक्षी
गायक: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
छुप गये सारे नज़ारे ओये क्या बात हो गयी
तूने काजल लगाया दिन में रात हो गई
मिल गये नैना से नैना ओये क्या बात हो गयी
दिल ने दिल को पुकारा मुलाक़ात हो गयी
कल नहीं आना मुझे ना बुलाना
कि मारेगा ताना ज़माना
तेरे होठों पे रात ये बहाना था
गोरी तुझको तो आज नहीं आना था
तू चली आई दुहाई, ओये क्या बात हो गयी
मैंने छोड़ा ज़माना, तेरे साथ हो गयी
तूने काजल लगाया...
अम्बवा की डाली पे गाए मतवाली
कोयलिया काली निराली
सावन आने का कुछ मतलब होगा
बादल छाने का कोई सबब होगा
रिमझिम छाए घटाएँ ओये क्या बात हो गयी
तेरी चुनरी लहराई बरसात हो गयी
दिल ने दिल को...
छोड़ ना बैयाँ, पडूँ तेरे पईयां
तारों की छैय्याँ में सईयाँ
इक वो दिन था मिलाती ना थी तू अँखियाँ
इक ये दिन तू जागे सारी-सारी रतियाँ
बन गयी गोरी चकोरी ओये क्या बात हो गयी
जिसका डर था बेदर्दी वही बात हो गयी
छुप गये सारे नज़ारे...
