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Monday, 18 November 2019

मैं नशे में हूँ - Main Nashe Mein Hu Lyrics By Jagjit Singh

दोस्तो, 'ग़ज़ल' गीत श्रेणी मैं आज पेश कर रहे है, 'मैं नशे में हूँ' ग़ज़ल के अल्फाज़ हिंदी मैं. यह गीत साल १९९९ मैं आयी जगजीतसिंह की अल्बम 'अ जर्नी' से है. 'मैं नशे में हूँ' ग़ज़ल के अल्फाज़ लिखे है शहीद कबीर ने और इसे गाया और संगीत से सवारा हैं खुद जगजीत सिंह ने. जगजीत सिंह साहब और ग़ज़ल दोनो इस संसार के अविभाज्य भाग है. 'ग़ज़ल' शब्द का जिक्र आये और जगजीत सिंहजी याद न आये ऐसा मुमकिन हि नहीं.

इस जानकारी के साथ प्रस्तुत है ग़ज़ल 'मैं नशे में हूँ' के बोल हिंदी मैं. शुक्रिया!



फिल्म / एल्बम : अ जर्नी (1999)
संगीत दिया है: जगजीत सिंह
गीत के बोल: शहीद कबीर
गायक: जगजीत सिंह

ठुकराओ..
ठुकराओ या अब के प्यार करो
मैं नशे में हूँ (2)

जो चाहो मेरे यार करो
मैं नशे में हूँ (2)

ठुकराओ..
ठुकराओ या अब के प्यार करो
मैं नशे में हूँ

अब भी दिला रहा हूँ (2)

यकीन-ऐ-वफ़ा मगर

अब भी दिला रहा हूँ (4)

मेरा ना एतबार करो

मैं नशे में हूँ... (2)

ठुकराओ..
ठुकराओ या अब के प्यार करो
मैं नशे में हूँ

गिरने दो...

गिरने दो तुम मुझे
मेरा साग़र संभाल लो (2)

गिरने दो (3)
गिरने दो (3)

गिरने दो तुम मुझे
मेरा साग़र संभाल लो

इतना तो मेरे यार करो
मैं नशे में हूँ... (2)

मुझको कदम-कदम पे भटकने दो वाइज़ों
तुम अपना कारोबार करो
मैं नशे में हूँ...

फ़िर बेखुदी में हद से गुज़रने लगा हूँ मैं (3)

फ़िर बेखुदी..
फ़िर बेखुदी में हद से गुज़रने लगा हूँ मैं

इतना ना मुझसे प्यार करो
मैं नशे में हूँ... (2)